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Mau : आधुनिक खेती बनी उत्साह का कारण, कमा रहे लाखों का मुनाफा, युवा भी दिखा रहे आकर्षण
Tue, 04 Feb 2025 06:05 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 04 Feb 2025 06:05 PM IST
सार
सेमरी जमालपुर गांव के वेद प्रकाश पीली खरबूज की खेती से लाखों की कमाई कर रहे हैं। प्रति बीघा खेत से 80 हजार से एक लाख का मुनाफा हो रहा है। परंपरागत खेती से नगदी फसलों की तरफ रुख करना इनके पूरे क्षेत्र में उदाहरण बन रहा है। इनसे प्रेरित होकर कई युवा खेती आधुनिक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
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आधुनिक किसान वेद प्रकाश राय
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
घोसी ब्लॉक क्षेत्र के सेमरी जमालपुर निवासी वेद प्रकाश राय पेशे से किसान हैं। पहले परंपरागत धान, गेहूं की ही खेती करते थे,इससे आर्थिक समस्या रहती थी। वर्ष 2010 से उन्होंने नगदी फसल की तरफ रुख किया। इस समय सब्जी की खेती कर के अच्छी कमाई कर रहे हैं। इस वर्ष 16 बीघा में मटर लगाया है। इसके अलावा टमाटर,लौकी, मिर्च,खीरा, गोभी की भी खेती करते हैं।
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बताते चलें कि मऊ जिले के काफी संख्या में किसान परंपरागत खेती करते हैं, लेकिन खेती में घाटा होने का रोना रोते रहते हैं। घोसी ब्लाक के सेमरी जमालपुर गांव निवासी एक किसान ने परंपरातगत खेती की लीक से हटकर कड़ी मेहनत से मटर की वैज्ञानिक विधि से खेती कर बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। 16 बीघा में मटर लगाया है। प्रति बीघा लगभग 80 हजार से एक लाख का मुनाफा ले रहे हैं।
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आसपास इलाकों के किसान उनसे टिप्स लेने आ रहे हैं। प्रगतिशील किसान वेद प्रकाश राय ने बताया कि वर्ष 2010 से सब्ज़ी की खेती कर रहा हूं। इस समय मटर के खास प्रजाति की खेती 16 बीघा में किया हूं। मटर की यह उन्नत किस्म 60 दिनों में हरी फलियां तैयार हो जाती है। खेत के चारों तरफ से कटीले तार से और जाली से बाउंड्री कर दिया हूं।
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मटर की खेती में दवा, मजदूरी, बीज आदि का खर्च एक बीघा में 25 हजार का खर्च आता है और कमाई एक बीघे में 80 हजार से एक लाख रुपये तक की कमाई होती है। समय-समय पर उद्यान विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों और वैज्ञानिकों से तकनीकी सलाह लेता रहता हूं।कहा कि वैज्ञानिक विधि से नगदी फसलों की खेती की जाए तो मुनाफा मिलना तय है।