मऊ। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लाभार्थियों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिलाधिकारी आनंद वर्धन से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को जिले में लंबे समय से लंबित पेंशन के जल्द भुगतान के लिए ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में राकेश सिंह ने बताया कि जिले में वृद्धावस्था पेंशन के कुल 89,844 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 57,016 लाभार्थियों के खाते में पांच महीने पहले पेंशन भेजी गई थी, जबकि बाकी लाभार्थी अब भी अपनी पेंशन राशि का इंतजार कर रहे हैं। इसी प्रकार विधवा पेंशन भी समय पर नहीं भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र व प्रदेश सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसके तहत लाभार्थियों के खाते में 1,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से हर तीन महीने में 3,000 रुपये सीधे भेजे जाते हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और विधवा महिलाओं की दवाई, चाय व नाश्ते आदि की जरूरतों को पूरा करने में यह पेंशन मददगार साबित होती है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के सामने समस्याएं रखते हुए बताया कि पहले पेंशन के लिए आधार कार्ड को ही आयु प्रमाण पत्र माना जाता था। हालांकि, नए आदेश के अनुसार अब उम्र के सत्यापन के लिए 'परिवार रजिस्टर की नकल' या 'शैक्षणिक प्रमाण पत्र' अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर इसका मैसेज पहुंचा, उन्होंने तो दस्तावेज अपलोड करा दिए हैं। परंतु जिले में लगभग 33,000 ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्हें मैसेज प्राप्त ही नहीं हुआ। इसके चलते बुजुर्ग और महिलाएं प्रतिदिन जन सेवा केंद्रों, ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कई लोग मुख्यमंत्री पोर्टल, ऑनलाइन आवेदन, ब्लॉक, जिला समाज कल्याण अधिकारी या जिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर थक चुके हैं। भाजपा नेता व पेंशनधारकों ने 15 दिन के भीतर लंबित पेंशन की राशि खाते में भेजवाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में विजय बहादुर सिंह, विनोद पटेल, बृजपाल गुप्ता, सुरेंद्र, वकील अहमद, कुमुदलाल, राम अवध राजभर, अवध राज यादव, लालचनी देवी, रामपति राम, रामायण राम आदि शामिल रहे।