फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Medical waste is being dumped and burned in the open, leaving the health department unaffected.

Mau News: खुले में फेंका और जलाया जा रहा मेडिकल वेस्ट, स्वास्थ्य विभाग की सेहत पर असर नहीं

Tue, 18 Nov 2025 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Nov 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
Medical waste is being dumped and burned in the open, leaving the health department unaffected.
जिला महिला अस्पताल परिसर में नगर पालिका मऊ के डस्टबिन से निकला बायो मेडिकल वेस्ट: सोर्स संवाद
100 बेड वाले जिला महिला अस्पताल परिसर से महज 100 मीटर दूर नगर पालिका का डस्टबीन लगी हुई है। कचरे बीनने वाले बच्चों ने जैसे ही इस डस्टबीन को पलटा काफी संख्या में ब्लड सैंपल के लिए वायल के साथ दूसरे मेडिकल वेस्ट इस कचरे के डिब्बा से मिला।
विज्ञापन

वहीं मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का एक दूसरा मामला कोपागंज सीएचसी में देखने को मिला, यहां बड़ी संख्या में न केवल दवाओं और मेडिकल वेस्ट को फेंका जा रहा है, बल्कि इसे खुले में जलाया भी जा रहा है।
विज्ञापन

चौकाने वाली बात है कि महिला जिला अस्पताल के परिसर के पास ही सीएमओ कार्यालय भी बना हुआ है। इस बड़ी लापरवाही पर अस्पताल प्रबंधन के साथ सीएमओ और दूसरे नोडल अधिकारी अनभिज्ञता जताते हुए मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला महिला चिकित्सालय में रोजाना करीब 550-600 की ओपीडी होती है। अस्पताल में मरीजों की मरहम पट्टी, ऑपरेशन, सामान्य व सीजर प्रसव होते हैं। विभिन्न स्थानों से भारी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है।
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि यहां मेडिकल वेस्ट का निस्तारण के लिए सिलिकॉन एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट के कचरे के निस्तारण को लेकर यह एजेंसी बीते कई साल से जुड़ी है।
नगर पालिका के डस्टबीन ने एजेंसी और अस्पताल प्रबंधन के बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को सामने ला दिया। कचरेदान से कचरा बीनने वाले कई बच्चे इसी मेडिकल वेस्ट से कचरे को बीन रहे थे।
एक और लापरवाही का मामला तो कोपागंज सीएचसी में देखने को मिला। यहां न केवल खुले में मेडिकल वेस्ट डंप होना मिला, बल्कि उसे तो खुले में जलाया जा रहा था। कागजी दावा है कि सीएचसी से निकलने वाले मेडिकल बायो वेस्ट को लेकर एजेंसी है जिसे हर माह भुगतान किया जाता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब हर माह भुगतान हो रहा है तो उसके बाद भी नगर पालिका की डस्टबीन में बड़ी मात्रा में बायो मेडिकल वेस्ट और खुले में मेडिकल वेस्ट को जलाना कई सवाल खड़े करता है।
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। अस्पताल से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के लिए एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है, जिसके लिए शासन द्वारा भुगतान भी होता है।
बावजूद अस्पताल से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट नगर पालिका के डस्टबीन से निकलना बड़ी लापरवाही है। इसको लेकर जांच कराई जाएगी, जिसके बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद

सावधान, नहीं तो होगा संक्रमण

खुले में पड़े मेडिकल कचरे से निमोनिया, हैजा, कालरा, डेंगू, स्वाइन फ्लू, मेनेंजाइटिस, हेपेटाइटिस- बी व कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती है। इसके अलावा मवेशी भी इस चिकित्सीय कचरे को भी खा लेते हैं, इससे उनके शरीर में इंफेक्शन होता है और धीरे- धीरे वे दम तोड़ देते हैं। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होने के साथ ही बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। दरअसल शहर में कूड़े के ढेर में कबाड़ बीनने वाले बच्चे भी जाते हैं, मेडिकल वेस्ट इसमें मिला होने पर उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। मेडिकल वेस्ट के ढेर में कुत्ते एवं अन्य बेजुबान मवेशी घुसकर मुंह मारते रहते हैं। वेस्ट का सही से निस्तारण नहीं होने पर मवेशी से परिसर में खींचकर बिखेर देते हैं।
दस श्रेणी में बंटा होता है मेडिकल वेस्ट
यलो श्रेणी : इसमें पशु अपशिष्ट, मिट्टी का कचरा, एक्सपायर्ड दवाएं, रासायनिक अपशिष्ट, रासायनिक तरल अपशिष्ट और सूक्ष्म जीव विज्ञान से संबंधित अपशिष्ट शामिल हैं।


रेड श्रेणी : इसमें दूषित अपशिष्ट, जैसे डिस्पोजेबल ट्यूबिंग, सिरिंज, यूरिन बैग और दस्ताने जैसी डिस्पोजेबल वस्तुएं शामिल हैं।

ब्लू श्रेणी : इसमें नुकीली धातुओं से संबंधित अपशिष्ट जैसे कांच के बने पदार्थ, सिरेमिक और धातु के आइटम शामिल हैं।

व्हाइट श्रेणी : इसमें कांच के बने पदार्थ, सिरेमिक और धातु के आइटम जैसे नुकीली वस्तुएं और अन्य नुकीली वस्तुएं शामिल हैं।

साइटोटॉक्सिक और साइटोस्टेटिक अपशिष्ट : यह विषाक्त या कैंसरकारी दवाओं से संबंधित अपशिष्ट है, जिसे बैंगनी रंग के डिब्बे में रखा जाता है।

संक्रमित अपशिष्ट : इसमें संक्रामक या दूषित कोई भी बायो-मेडिकल अपशिष्ट शामिल होता है।

शारीरिक अपशिष्ट : इसमें मानव या जानवरों के अंग, ऊतक, रक्त या अन्य शारीरिक तरल पदार्थ शामिल होते हैं।

फार्मास्युटिकल अपशिष्ट : इसमें अप्रयुक्त या एक्सपायर्ड दवाएं और अन्य औषधियां शामिल हैं।

रासायनिक अपशिष्ट : इसमें विभिन्न मशीनों, बैटरियों और कीटाणुनाशकों से निकलने वाला तरल अपशिष्ट शामिल है।

जिला महिला अस्पताल परिसर में नगर पालिका मऊ के डस्टबिन से निकला बायो मेडिकल वेस्ट: सोर्स संवाद

जिला महिला अस्पताल परिसर में नगर पालिका मऊ के डस्टबिन से निकला बायो मेडिकल वेस्ट: सोर्स संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed