अच्छी खबर: नए कॉरिडोर से कुशीनगर और वाराणसी से जुड़ेगा मऊ, दो घंटे से कम समय में पूरी होगी 125 किमी की यात्रा
नए कॉरिडोर निर्माण से मऊ जनपद कुशीनगर और वाराणसी से जुड़ जाएगा। ऐसे में मऊ से कुशीनगर की 125 किलोमीटर दूरी दो घंटे से भी कम समय में पूरी होगी। अभी तीन घंटे से अधिक का समय लगता है।
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इसमें दोहरीघाट से गाजीपुर तक फोरलेन का निर्माण किया गया। अब इसे और भी सुदृढ़ तरीके से बनाया जाएगा। नए कॉरिडोर का पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़कर बिहार और प्रयागराज तक आवागमन को सुलभ करना है। इसमें दोहरीघाट से गाजीपुर तक फोरलेन का निर्माण किया गया है। मार्ग को सही करने के लिए स्टेपलिंग और गाउटिंग का काम तेज कर दिया गया है। फोरलेन पर पड़ने वाले ओवरब्रिज सहित अनेक जगहों पर मरम्मत का हो रहा है।
दो घंटे से कम समय में पहुंचेंगे कुशीनगर
कैबिनेट मंत्री एके शर्मा को भेजा था पत्र
प्रदेश सरकार से प्रस्तावित कुशीनगर-वाराणसी हाईवे कारिडोर को बड़हलगंज, दोहरीघाट की बजाय मोहन सेतु, मधुबन, इंदारा होते हुए वाराणसी तक बनाने की लोगों ने मांग की थी। इसके लिए प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा को पत्र भी भेजा था। प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल छह हाईवे कारिडोर में से एक कारिडोर कुशीनगर से बरहज, बड़हलगंज, मऊ व जमानियां के रास्ते वाराणसी तक प्रस्तावित है। सरयू नदी पर वर्ष 2014 से मोहन सेतु का निर्माण अधर में लटका हुआ है। लोगों का मानना है कि अगर मोहन सेतु का निर्माण पूर्ण कर कुशीनगर, देवरिया, बरहज, मधुबन, इंदारा के रास्ते मऊ होते हुए वाराणसी तक हाईवे कारिडोर का निर्माण होता तो क्षेत्र के विकास में सहायक होता।
कुशीनगर से वाराणसी के लिए नए कॉरिडोर का निर्माण राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित है। इसको लेकर कवायद की जा रही है। -आशीष सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई