फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   mau news ramleela

राम की चरण पादुका लेकर भरत लौटे अयोध्या

Wed, 02 Oct 2019 10:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2019 10:39 PM IST
विज्ञापन
mau news ramleela
घोसी नगर की रामलीला में रामवन गमन के बाद भगवान श्री राम को मनाने पहुँचे भरत को श्रीरामजी ने दिखा ख? - फोटो : MAU
घोसी। घोसी नगर की रामलीला में मंगलवार की शाम को भाई शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ के साथ राम को मनाने वन जा रहे भरत की लीला का मंचन किया गया। राम के नहीं मनाने पर भरत को मात्र राम की चरणपादुका को ही लेकर लौटना पड़ा। भरत का भाई के प्रति अथाह आदर और प्रेम देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। घोसी नगर की प्राचीन राम लीला में मंगलवार की शाम को भगवान राम द्वारा वनगमन के लिए निकलने पर अयोध्या पहुंचे भरत शोकाकुल हो गए। भरत अपने अनुज शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ के साथ राम को मनाकर वन से वापस लाने के लिए निकल पड़े। उनके साथ अयोध्यावासी और सेना भी थी। वन में पहुंचने पर सेना के साथ कुछ लोगो को आता देख कर भीलो ने इसकी सूचना राम को दी। भील क्रोधित होकर राम से आदेश मांगने लगे कि आप अगर आदेश दें तो हम लोग भरत को सेना सहित मार भगायेंगे। उनकी बातें सुनकर राम ने उन्हें समझाया ,कहा कि ये संभव है कि मसक के फूंक मारने से सुमेरू अपना स्थान बदल दे, लेकिन भरत तो धर्म के सूर्य हैं, उन्हें राजमद हो जाय ये सम्भव नहीं। इसके पश्चात गुरु वशिष्ठ के साथ भरत और शत्रुघ्न घुटनों के बल राम के समक्ष प्रस्तुत हुए। उन्हें देख मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने झट से आगे बढ़ कर अपने गले लगा लिया। कहा किजौं न होत जग जनम भरत को सकल धरम धुरि धरनि धरत को। इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहां उपस्थित सभी दर्शक करुणा से आत्मविभोर हो उठे। दर्शक जय श्री राम का जय घोष करने लगे। रामलीला को आगे बढ़ाने के लिए लोगो को शांत कराने के लिए व्यास को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उसके बाद भरत राम संवाद हुआ जिसमें हर प्रकार से अनुनय विनय कर भरत ने किया। भरत ने कहा कि अब हम वन में ही रहेंगे और राम अयोध्या के सिंहासन पर चलकर बिराजमान हो। दोनों भाईयो ने गुरु वशिष्ठ का सहारा लिया। राम ने अपने तर्कों के आधार पर अपने पक्ष में कर लिया। गुरुदेव की आज्ञानुसार भरत राम से चरण पादुका माँग कर उसे अपने सिर पर रख अयोध्या लौट गए। यह दृश्य देखकर सभी नर नारी करुणा से द्रवित हो उठे। कार्यक्रम में अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव संरक्षक हरिश्चंद्र वर्मा, उमेश मिश्र, वायुनन्दन मिश्र, राजेश निषाद, रामविलास सोनकर, रामधारी सोनकर, जनक वरनवाल, कुबेर राम मौर्य और उमेश आर्य सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed