मऊ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सात सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को जिले के अधिवक्ताओं विरोध दिवस मनाते हुए पूरे दिन कार्य से विरत रहे । अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की और कलेक्ट्रेेेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज यादव को सौंपा। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता बार के अध्यक्ष शमसुल हसन और महामंत्री दारोगा सिंह के नेतृत्व में जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुचे। ज्ञापन में मांग है की कि तीस हजारी कोर्ट में पुलिस की फायरिंग में जो अधिवक्ता घायल हैं उन्हें दस लाख रुपया मुआवजा दिया जाए तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जांच कर दंडित किया जाए। भविष्य निधि की राशि सवा लाख से बढ़ाकर पांच लाख किया जाए। अधिवक्ताओं की जान माल की सुरक्षा के साथ ही अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम पारित किया जाए।
इस मौके पर पूर्व महामंत्री सूर्यनाथ यादव, सर्वेश सिंह, प्रभुनाथ सिंह, अश्वनी सिंह, अरविंद तिवारी, लक्ष्मीकांत यादव, रमाशंकर यादव, नरेंद्र नाथ राय, देवेंद्र प्रताप सिंह सहित काफी संख्या में अधिवक्ता शामिल है। उधर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, तहसील सदर बार एसोसिएशन, तहसील मुहम्मदाबाद गोहना बार एसोसिएशन, तहसील घोसी बार एसोसिएशन और तहसील मधुबन बार एसोसिएशन के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। ऐसे में वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।