मऊ। फर्जी पते पर असलहे बनवाने के मामले में एसपी के आदेश पर सोमवार को दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। थानाध्यक्ष दक्षिण टोला की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में सदर विधायक मुख्तार अंसारी के साथ तत्कालीन थानाध्यक्ष जेके सिंह, लेखपाल के साथ शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने वालों को आरोपित किया है। इसमें विधायक पर आरोप है कि उनके पैड पर लिखने के बाद इन चारों लाइसेंसों को बनाया गया। इसमें एक शस्त्र लाइसेंस धारी पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। एसपी अनुुराग आर्य ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि बीते अक्तूबर माह में शासन के आदेश पर शस्त्र लाइसेंसों की जांच कराई गई। इसमें चार लाइसेंस ऐसे में मिले, जो फर्जी पते पर बनाए गए है। इस गोलमाल की जांच अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव से कराई गई। इस दौरान पता चला कि शस्त्र लाइसेंसधारियों में इसराइल अंसारी पुत्र अल्ताफ, अनवर शहजाद पुत्र जमशेद रजा और सलीम पुत्र बदरुद्दीन ने अपना पता दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के जमालपुरा गांव तथा मो. शाह आलम पुत्र अब्दुल रहमान डोमनपुरा दर्ज कराया था। सभी का शस्त्र लाइसेंस क्रमश: 2001 और 2002 में दक्षिणटोला थाने से लिखा गया है। जांच के दौरान पता चला कि सारे लाइसेंस सदर विधायक मुख्तार अंसारी के पैड पर किए गए रिक्मेंट पर लिखा गया, जांच में सभी के पते गलत मिले, एसपी के अनुसार इस पते पर इस नाम का कोई व्यक्ति कभी रहता ही नहीं पाया गया। साथ ही दक्षिण टोला थाने के डोमनपुरा निवासी शाह आलम काफी समय पूर्व पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। इस आधार पर थानाध्यक्ष दक्षिणटोला निहारनंदन को मामले की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया गया। इसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला जेके सिंह के साथ लेखपाल, सदर विधायक मुख्तार अंसारी, शस्त्र लाइसेंस धारी इसराइल, अनवर शहजाद, सलीम को नामजद किया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शाह आलम का नाम एफआईआर में नहीं शामिल किया गया है, क्योंकि मरे व्यक्ति के विरुद्घ रिपोर्ट नहीं दर्ज होती। बोले जांच अभी जारी है, इसमें देखा जा रहा कि और कौन लोग इस तरह के खेल में शामिल है।