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करवाचौथ: अखंड सौभाग्य के लिए आज महिलाएं रखेंगी निर्जला व्रत:
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मऊ। जीवन में पिया तेरा साथ रहे की कामना और पति के लंबी उम्र के लिए गुुुरुवार को विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। सुहाग के जोड़े में सजी महिलाएं मंदिरों में भगवान शंकर, मां पार्वती और गणेश का पूजन अर्चन करने के साथ ही चंद्रमा का दर्शन कर व्रत तोड़ेंगी। चंद्रदर्शन के साथ ही पति के चांद रूपी मुखड़े का दर्शन कर पूजन अर्चन करेंगी। पति के मंगलमय जीवन के लिए महिलाएं पूरे दिन व्रत की तैयारियों में जुटी रहीं। पर्व की चल रही तैयारी बुधवार को पूरी हो गई। पूर्व संध्या पर बाजार में महिलाओं की सर्वाधिक भीड़ दिखी। अली बिल्डिंग में खासकर महिलाओं का रेला लगा रहा। कोई अपने मेकअप के लिए ब्यूटी पार्लरों में लाइन लगाये खड़ी मिली तो कोई साज-सज्जा के लिए चुड़ी, कंगन आदि खरीदती नजर आई। साड़ी, कपड़ों, आभूषण आदि की दुकान पर भी भीड़ देखते बन रही थी।
किवदंतियों के अनुसार एक राजकुमारी ने अपने पीहर में इसी दिन उपवास किया था। उपवास पूर्ण होने पर उसे पता चला कि उसके मांग का सिंदूर उजड़ गया है। उसके पति की मौत सर्पदंश से हो गई थी। रोती बिलखती राजकुमारी ससुराल के लिए रवाना हुई। इस बीच रास्ते से गुजर रहे भगवान शंकर और मां पार्वती ने उसे बिलखता देख अपने पास बुलाकर रोने का कारण पूछा। विधवा ने आपबीती सुनाई। उसके पति प्रेम को देखकर भाव विह्वल हुई मां पार्वती ने अपनी अंगुली को चीरकर रक्त दिया। देवी मां के कहने पर उस रक्त को अपनी मृत पति के ऊपर छिड़क दिया। इससे उसका पति जीवित हो उठा। इसी मान्यता के तहत विवाहित महिलाएं गुरुवार को करवाचौथ का निर्जला व्रत रखेंगी। करवाचौथ पर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में गहमागहमी रही। महिलाओं की सर्वाधिक भीड़ दिखी। अली बिल्डिंग में खासकर महिलाओं का रेला लगा रहा। कोई अपने मेकअप के लिए ब्यूटी पार्लरों में लाइन लगाए खड़ी मिली तो कोई साज-सज्जा के लिए चुड़ी, कंगन आदि खरीदती नजर आयी। साड़ी व कपड़ों की दुकान पर भी भीड़ देखते बन रही थी। साड़ी व्यवसायी डॉ. रामगोपाल गुप्ता का कहना है सिल्क साड़ी 400 रुपया से दो हजार रुपया तक की ज्यादा डिमांड रही। वहीं सहादतपुरा साड़ी व्यवसायी सुरेश कल्यानिया का कहना था कि इंब्राइडरी तथा प्रिंटेड साड़ियां एक हजार रूपये से तीन हजार रूपये तक है। बाजार में पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए सुहागिनों ने अगरबत्ती, कपूर, चंदन, रोरी सहित विभिन्न प्रकार की कथा सामग्री खरीदी। सुहागिन बिंदू सिंह ने बताया कि यह त्योहार उनके लिए खास खुशियां लेकर आता है। दिन भर निर्जला ब्रत रखकर वह अपनी पति के दीर्घायु की कामना करती हैं।
अभिजीत मुहुर्त पूर्वाह्न 11.20 बजे से 12.7 बजे तक
गुरुवार को खरीदारी के लिए शुभयोग लग रहा है। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सेमराजपुर गांव निवासी पं. जयगोविंद मिश्र के अनुसार अभिजीत मुहुर्त पूर्वाह्न 11.20 बजे से 12 बजकर सात मिनट तक लगेगा। अभिजीत मुहुर्त में सभी प्रकार की खरीदारी करना मंगलकारी है। करवा चौथ के दिन सुहाग का सामान और आभूषण की खरीदारी काफी फलदायक है।
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चंद्रोदय 7.59 बजे
रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सेमराजपुर गांव निवासी पं. जयगोविंद मिश्र ने बताया कि 17 अक्तूबर को करवाचौथ का पर्व मनाया जाएगा। चंद्रोदय रात 7.59 बजे होगा। इसी क्रम में मुहम्मदाबादगोहना कस्बा निवासी पं. वीरेंद्र शुक्ल ने बताया कि करवाचौथ पर महिलाएं चंद्रमा की पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं चंद्रोदय पर चंद्रमा की पूजा संपन्न कर अपने पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं। कहा जाता है कि चांद देखे बिना व्रत अधूरा रहता है। चांद की पूजा से पहले कोई महिला न कुछ भी खा सकती हैं और न पानी पी सकती है। इस दिन महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कार्यो से निवृत्त होकर स्नान करने के साथ मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये मंत्र का उच्चारण करके संकल्प लें।
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किवदंतियों के अनुसार एक राजकुमारी ने अपने पीहर में इसी दिन उपवास किया था। उपवास पूर्ण होने पर उसे पता चला कि उसके मांग का सिंदूर उजड़ गया है। उसके पति की मौत सर्पदंश से हो गई थी। रोती बिलखती राजकुमारी ससुराल के लिए रवाना हुई। इस बीच रास्ते से गुजर रहे भगवान शंकर और मां पार्वती ने उसे बिलखता देख अपने पास बुलाकर रोने का कारण पूछा। विधवा ने आपबीती सुनाई। उसके पति प्रेम को देखकर भाव विह्वल हुई मां पार्वती ने अपनी अंगुली को चीरकर रक्त दिया। देवी मां के कहने पर उस रक्त को अपनी मृत पति के ऊपर छिड़क दिया। इससे उसका पति जीवित हो उठा। इसी मान्यता के तहत विवाहित महिलाएं गुरुवार को करवाचौथ का निर्जला व्रत रखेंगी। करवाचौथ पर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में गहमागहमी रही। महिलाओं की सर्वाधिक भीड़ दिखी। अली बिल्डिंग में खासकर महिलाओं का रेला लगा रहा। कोई अपने मेकअप के लिए ब्यूटी पार्लरों में लाइन लगाए खड़ी मिली तो कोई साज-सज्जा के लिए चुड़ी, कंगन आदि खरीदती नजर आयी। साड़ी व कपड़ों की दुकान पर भी भीड़ देखते बन रही थी। साड़ी व्यवसायी डॉ. रामगोपाल गुप्ता का कहना है सिल्क साड़ी 400 रुपया से दो हजार रुपया तक की ज्यादा डिमांड रही। वहीं सहादतपुरा साड़ी व्यवसायी सुरेश कल्यानिया का कहना था कि इंब्राइडरी तथा प्रिंटेड साड़ियां एक हजार रूपये से तीन हजार रूपये तक है। बाजार में पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए सुहागिनों ने अगरबत्ती, कपूर, चंदन, रोरी सहित विभिन्न प्रकार की कथा सामग्री खरीदी। सुहागिन बिंदू सिंह ने बताया कि यह त्योहार उनके लिए खास खुशियां लेकर आता है। दिन भर निर्जला ब्रत रखकर वह अपनी पति के दीर्घायु की कामना करती हैं।
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अभिजीत मुहुर्त पूर्वाह्न 11.20 बजे से 12.7 बजे तक
गुरुवार को खरीदारी के लिए शुभयोग लग रहा है। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सेमराजपुर गांव निवासी पं. जयगोविंद मिश्र के अनुसार अभिजीत मुहुर्त पूर्वाह्न 11.20 बजे से 12 बजकर सात मिनट तक लगेगा। अभिजीत मुहुर्त में सभी प्रकार की खरीदारी करना मंगलकारी है। करवा चौथ के दिन सुहाग का सामान और आभूषण की खरीदारी काफी फलदायक है।
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चंद्रोदय 7.59 बजे
रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सेमराजपुर गांव निवासी पं. जयगोविंद मिश्र ने बताया कि 17 अक्तूबर को करवाचौथ का पर्व मनाया जाएगा। चंद्रोदय रात 7.59 बजे होगा। इसी क्रम में मुहम्मदाबादगोहना कस्बा निवासी पं. वीरेंद्र शुक्ल ने बताया कि करवाचौथ पर महिलाएं चंद्रमा की पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं चंद्रोदय पर चंद्रमा की पूजा संपन्न कर अपने पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं। कहा जाता है कि चांद देखे बिना व्रत अधूरा रहता है। चांद की पूजा से पहले कोई महिला न कुछ भी खा सकती हैं और न पानी पी सकती है। इस दिन महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कार्यो से निवृत्त होकर स्नान करने के साथ मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये मंत्र का उच्चारण करके संकल्प लें।