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तमसा में बाढ़ आने से नष्ट होने के कगार पर है सैकड़ों हेक्टेयर फसल:
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तमसा का जलस्तर बढ़ा, 40 बीघा फसलें डूबीं
रेगुलेटर बंद होने से मठिया टोला मुहल्ले में घुसा बाढ़ का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। तमसा, घाघरा सहित सहायक नदियों के जलस्तर 10 सेमी बढ़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसमें करीब 20 गांवों की 40 बीघा से अधिक धान व अन्य फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। इससे उनके नष्ट होने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं नदी का चार रेगुलेटर बंद होने से नगर के मठिया टोला में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे मुहल्ले में जलजमाव हो गया है। ऐसे में वहां के लोगों की परेशानियां बढ़ गईं हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार तमसा नदी खतरे के निशान से 1.36 मीटर नीचे बह रही है।
गत दिनों से लगातार मूसलाधार हुई बारिश के चलते तमसा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का क्रम जारी है। नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के मद्देनजर सिंचाई विभाग की तरफ से नदी के चार रेेगुलेटर बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते नगर के मठिया मुहल्ले में पानी जमा होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग की तरफ से पंप के सहारे पानी निकालने की कवायद चल रही थी। नदी का जलस्तर बढ़ने से ढेकुलियाघाट का श्मशान का चबूतरा डूब गया है। नदी की धारा बदलने से खालसाचकगोयान के कई घर पानी में डूब गए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमसा नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शनिवार को नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 66.00 मीटर पर बह रही थी। जबकि शुक्रवार को नदी का जलस्तर 65.90 मीटर रहा। नदी खतरा निशान से 1.36 मीटर नीचे बह रही थी। नदी का पानी धीरे-धीरे निकलने से जयसिंहपुर, नसोपुर, राघोपट्टी, जयसिंहपुर, उमापुर, वजीरपट्टी, भाठे, रणवीरपुर आदि गांवों में सैकड़ों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है। इससे बाजरा, अरहर, तिल तथा सब्जी की फसल नष्ट हो गई। धान की फसल डूबने से नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। रतनपुरा / हलधरपुर संवाददाता के अनुसार तमसा नदी में उफान आने से गाढ़ा ताल में पानी भर गया है। पानी की निकासी न होने से क्षेत्र के हथिनी, पीपरसाथ, ठैचा सहित एक दर्जन गांवों में सैकड़ों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है।
कोपागंज संवाददाता के अनुसार तमसा नदी में उफान आने से क्षेत्र के सोड़सर, फैजुल्लाहपुर, धवरियासाथ, भांवरकोल सहित तटवर्ती इलाकों में सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी भर जाने से धान की फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि आजमगढ़ जिले में नदी के जलस्तर में तीन सेमी कमी आई है। बारिश न होने से यहां नदी स्थिर है, लेकिन बाढ़ अभी भी है, इसलिए नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
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रेगुलेटर बंद होने से मठिया टोला मुहल्ले में घुसा बाढ़ का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। तमसा, घाघरा सहित सहायक नदियों के जलस्तर 10 सेमी बढ़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसमें करीब 20 गांवों की 40 बीघा से अधिक धान व अन्य फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। इससे उनके नष्ट होने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं नदी का चार रेगुलेटर बंद होने से नगर के मठिया टोला में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे मुहल्ले में जलजमाव हो गया है। ऐसे में वहां के लोगों की परेशानियां बढ़ गईं हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार तमसा नदी खतरे के निशान से 1.36 मीटर नीचे बह रही है।
गत दिनों से लगातार मूसलाधार हुई बारिश के चलते तमसा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का क्रम जारी है। नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के मद्देनजर सिंचाई विभाग की तरफ से नदी के चार रेेगुलेटर बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते नगर के मठिया मुहल्ले में पानी जमा होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग की तरफ से पंप के सहारे पानी निकालने की कवायद चल रही थी। नदी का जलस्तर बढ़ने से ढेकुलियाघाट का श्मशान का चबूतरा डूब गया है। नदी की धारा बदलने से खालसाचकगोयान के कई घर पानी में डूब गए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमसा नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शनिवार को नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 66.00 मीटर पर बह रही थी। जबकि शुक्रवार को नदी का जलस्तर 65.90 मीटर रहा। नदी खतरा निशान से 1.36 मीटर नीचे बह रही थी। नदी का पानी धीरे-धीरे निकलने से जयसिंहपुर, नसोपुर, राघोपट्टी, जयसिंहपुर, उमापुर, वजीरपट्टी, भाठे, रणवीरपुर आदि गांवों में सैकड़ों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है। इससे बाजरा, अरहर, तिल तथा सब्जी की फसल नष्ट हो गई। धान की फसल डूबने से नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। रतनपुरा / हलधरपुर संवाददाता के अनुसार तमसा नदी में उफान आने से गाढ़ा ताल में पानी भर गया है। पानी की निकासी न होने से क्षेत्र के हथिनी, पीपरसाथ, ठैचा सहित एक दर्जन गांवों में सैकड़ों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है।
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कोपागंज संवाददाता के अनुसार तमसा नदी में उफान आने से क्षेत्र के सोड़सर, फैजुल्लाहपुर, धवरियासाथ, भांवरकोल सहित तटवर्ती इलाकों में सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी भर जाने से धान की फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि आजमगढ़ जिले में नदी के जलस्तर में तीन सेमी कमी आई है। बारिश न होने से यहां नदी स्थिर है, लेकिन बाढ़ अभी भी है, इसलिए नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
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