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करवाचौथ: पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत

Thu, 17 Oct 2019 10:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2019 10:48 PM IST
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नगर के सहादतपुरा में करवाचौथ पर चलनी से चाँद का दीदार करतीं व्रती महिलाएं। - फोटो : MAU
मऊ। अखंड सौभाग्य एवं जीवनसाथी की दीर्घायु की कामना का पर्व करवा चौथ गुरुवार को पूरे जनपद में सुहागिनों ने परंपरागत तरीके से मनाया। इस दौरान महिलाओं ने पूरे दिन निर्जल व्रत रखकर देरशाम सज-धज कर चांदनी रात में े जलते दीपों की थालियां सजा कर चंद्रदर्शन किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन- अर्चन कर सुहाग की रक्षा की कामना की। साथ ही पतियों के हाथों से अन्न-जल ग्रहण किया। बता दें कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इसमें सुहागिन महिलाएं पूरे दिन निर्जल व्रत रखकर भगवान शिव, गणेश, कार्तिकेय और मां पार्वती की पूजा करती हैं। इसके अलावा एक-दूसरे को पर्व की मान्यता और महत्ता के प्रचलित कथाएं एवं कहानियां सुनाती हैं। गुरुवार को जिला मुख्यालय सहित ग्रामीणांचलों की महिलाओं ने पर्व की परंपरा को बखूबी निभाया। महिलाओं ने पर्व के मद्देनजर पहले से ही पूरी तैयारी कर ली थी। शाम के समय संजने- संवरने से पहले महिलाओं ने पूरे दिन बगैर कुछ खाये-पीये दिन ढलने का इंतजार करती रहीं। शाम को चांद निकलने के साथ ही महिलाओं ने छननी से अपने पति का दीदार किया। पूजन-अर्चन के बाद व्रत के पारण के समय खाने का पहला निवाला उन्हें उनके पतियों ने ही खिलाया। उधर, पर्व को लेकर व्रती महिलाओं में उत्साह का माहौल रहा। व्रती सुहागिन महिलाओं का कहना था कि विधि विधान से पूजन अर्चन करने से मां पार्वती सुहाग की रक्षा करती हैं। यह त्यौहार उनके लिए खास खुशियां लेकर आता है। दिन भर निर्जला व्रत रखकर वह अपनी पति के दीर्घायु की कामना करती हैं।कुसम्हा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के गोंठा, ठाकुरगाव, फरसरा, कुसुम्हा, इब्राहिमाबाद, शाहपुर, सियरही सहित विभिन्न इलाकों में करवाचौथ का पर्व परंपरागत रूप से मनाया गया। व्रती महिलाओं ने शिव और पार्वती की विधि विधान से पूजन अर्चन के बाद महिलाओं ने जलते दीपों की थालियां सजा कर चंद्रदर्शन किया। इसके अलावा उन्होंने चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण किया।
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