मऊ। तमसा, घाघरा सहित सहायक नदियों के जलस्तर में जैसे-जैसे वृद्धि होती जा रही है। वैसे-वैसे तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को तमसा नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर बढ़ने से ढेकुलियाघाट का श्मशाम का चबूतरा डूब गया है। नदी की धारा बदलने से खालसा चकगोयान के कई घर पानी में डूब गए हैं। इससे लोग पलायन कर गए हैं। नदी के उग्र तेवर को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नगर के स्लाटर हाउस के रेगुलेटर को बंद कर दिया। नदी में उफान से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। हालांकि तमसा नदी खतरे के निशान से 1.46 मीटर नीचे बह रही है। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में हुई बारिश के चलते गंगा नदी उफान पर है। इसके चलते तमसा तथा घाघरा के पानी का निकास धीमी गति से हो रहा है। इसके चलते तमसा तथा घाघरा के जलस्तर में वृद्धि होने से लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से ढेकुलियाघाट का श्मशान का चबूतरा डूब गया है। नदी की धारा बदलने से खालसा चकगोयान के कई घर पानी में डूब गए हैं। इससे लोग पलायन कर गए हैं। इसके साथ ही सनेगपुर, उमापुर, हथिनी तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद ही उड़ गई है। नदी का पानी खेतों में भर जाने से सब्जी की फसल नष्ट हो गई है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शुक्रवार को पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी शुक्रवार को 65.90 मीटर पर बह रही थी। जबकि गुरुवार को नदी का जलस्तर 65.85मीटर रहा। नदी के जलस्तर में वृद्धि के मद्देनजर शहर में पानी न घुसे। इसके लिए सिंचाई विभाग ने स्लाटर हाउस के रेगुलेटर को बंद कर दिया। तीन रेगुलेटर गुरुवार को बंद किया गया था। वलीपुर : तमसा नदी का पानी मोहिउद्दीनपुर, मड़हा गांव तक पहुंच गया है। लोगों को पानी से होकर जाना पड़ रहा है। पिपरीडीह : भैसही, लहरी नदी में उफान आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के रैकवारडीह, मंसड़ी मार्ग पर पानी भर गया है। रैकवारडीह, मंसड़ी, मड़इया, हासपुर, पिपरीडीह, पतिला, ताजपुर, उस्मानपुर, इटौरा, अहिलाद सहित विभिन्न इलाकों की 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग वीरेंद्र पासवान ने बताया कि गंगा नदी उफान पर है। इसके चलते तमसा, घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।