मऊ। जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर आग लग गई। सूचना पर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने फौरन आग पर काबू पाया। आग लगी देख वहां लोगों की भीड़ लग गई और उत्सुकतावश लोग उस ओर भागे। हालांकि यहां नकली आग लगाकर अग्निशमनकर्मी मॉकड्रिल कर अस्पतालकर्मियों को आग से बचाव की जानकारी दे रहे थे। जब लोगों को पता चला कि यह मॉकड्रिल है तो उन्होंने राहत की सांस ली। अग्निशमन विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सुभाष कुमार के नेतृत्व में बालनिकेतन मोड़ स्थित महिला जिला अस्पताल में दोपहर करीब दो बजे मॉकड्रिल किया गया। यहां पर दमकलकर्मियों ने अस्पताल परिसर में नकली आग लगाई और स्वास्थ्य कर्मियों और अस्पताल में मौजूद लोगों को आग बुझाने की जानकारी दी। बताया कि किसी इमारत की ऊपरी तल पर आग लग जाने पर घबराएं नहीं बल्कि बुझाने के विकल्प तलाशें कि किस तरह आग बुझाई जाए। बताया कि आग लगने पर अस्पताल में रखे फायर सेफ्टी से आग बुझाने का प्रयास करे। अगर ऐसा संभव नहीं हो पा रहा और फ ौरन रेत और बालू का प्रयोग करें। बताया कि आग बुझाने के उपकरण समय समय पर चेक कराते रहने चाहिए। ताकि आग पर आसानी से काबू कर धन और जन हानि से बचा जा सके। सीएफओ सुभाष कुमार ने आग बुझाने के साथ आग में फंसे लोगों को बचाने के बारे में भी बताया। बोले कि आग लगने के दौरान अक्सर लोग धैर्य खो देते हैं। ऐसी परिस्थिति में खुद पर नियंत्रण रखकर आग पर काबू पाया जा सकता है। इस मौके पर सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. मिथिलेश रस्तोगी, डॉ. पीसी झा, डॉ. कंचनलता, डॉ. अलका राय, डॉ. कमाल, डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. एसएन राय, चीफ फार्मासिस्ट अखिलेश पांडेय, आशा यादव, चंद्रमणी त्रिपाठी, आंटी सिंह आदि मौजूद रहे।