मऊ। सरायलखंसी थानाक्षेत्र अंतर्गत वनदेवी के पास शनिवार की आधी रात पुलिस से हुई मुठभेड़ में दो ईनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। जबकि दो भाग निकले। घायल बदमाशों में विक्रांत यादव पर बलिया पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये तथा अमित यादव पर चिरैयाकोट पुलिस की ओर से 25 हजार का ईनाम घोषित है। घायलों को रात में ही जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को वाराणसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने बदमाशों के पास से जुलाई में बलिया के भीमपुरा थाना क्षेत्र से लूटी गई ब्रेजा कार, पिस्टल, तमंचा, सात कारतूस और 52 हजार 645 रुपये बरामद किया। विकांत पर मऊ सहित आसपास के कई जिलों में 32 मुकदमे तथा अमित पर 10 मुकदमे दर्ज हैं। बदमाशों से मुठभेड़ की जानकारी पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने रविवार को पुलिस लाइन के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान दी। एसपी के अनुसार दोनों घायल बदमाश डी नाइन गिरोह के सदस्य हैं। एसपी ने बताया कि स्वाट टीम और चिरैयाकोट थाने की पुलिस सरसेना के पास रात में वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सफेद रंग की ब्रेजा कार आती दिखी। पुलिस ने उसे रोका तो चालक ने कार को काझा वनदेवी मार्ग की तरफ दौड़ा दी। इस पर पुलिस ने सरायलखंसी थाने और दक्षिण टोला थाने की पुलिस को सूचित किया और खुद कार का पीछा करने लगी। सरायलखंसी के एसओ डीके श्रीवास्तव और दक्षिण टोला थानाध्यक्ष विनय सिंह और स्वाट प्रभारी एके सिंह, स्वाट टीम के इंस्पेक्टर राजेश प्रसाद यादव भी पुलिस बल के साथ वनदेवी पहुंचकर घेरेबंदी कर दी। पुलिस से घिरा समझ बदमाशों ने अपनी कार वनदेवी जंगल के पास से गाजीपुर जाने वाली रोड पर मोड़ दी। लेकिन आगे से चिरैयाकोट और स्वाट टीम की पुलिस ने उन्हें घेर लिया। चौतरफा घिरा देखकर बदमाश पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। एसपी ने बताया कि बदमाशों की एक गोली सरायलखंसी एसओ डीके श्रीवास्तव के सीने पर लगी लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से वे बाल-बाल बच गए। बदमाशों की एक गोली स्वाट टीम के वाहन पर लगी जिससे उसका शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। बचाव में पुलिस की ओर से चलाई गई गोली विकांत यादव के दाहिने पैर के घुटने में तथा अमित यादव के बाएं पैर की जांघ में लगी। बदमाशों की ओर से जब फायरिंग रुकी तो पुलिस ने ड्रेगन लाइट और वाहनों की रोशनी में घायल बदमाशों को देखा और उनकी पहचान की। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि उसके दो साथी भाग गए। इसके बाद पुलिस ने घायल बदमाशों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से डाक्टरों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। एसपी के अनुसार डी नाइन गिरोह के सरगना सुजीत सिंह और धर्मेंद्र सिंह के मारे जाने के बाद विक्रांत ने अब गैंग की कमान अपने हाथ में ले ली है। बकौल एसपी विक्रांत गैंग के लिए मऊ , आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, भदोही जिलों में हत्या लूट, रंगदारी आदि करता है। उस पर 32 मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि ब्रेजा कार को बदमाशों ने भीमपुरा से जुलाई में लूटा है। जबकि पहली अगस्त को पिपरीडीह के पास एक समूह संचालक से इन्हीं बदमाशों ने लूट की थी। उनके पास से बरामद रुपये उसी लूट के हैं।