मुहम्मदाबाद गोहना। केंद्र सरकार के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा की एसपीजी को वापस लेने पर जनपद के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा एतराज जताया है। इसके निमित्त शनिवार को मुहम्मदाबाद गोहना कसबा के पार्टी कार्यालय पर पूर्व सांसद बाल कृष्ण चौहान की अध्यक्षता में बैठक कर कांग्रेसी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया। पूर्व सांसद ने कहा कि नेहरू परिवार का भारत की आजादी में अतुलनीय योगदान रहा है, लेकिन भाजपा हमेशा से नेहरू और उनके परिवार के नेताओं की विरोधी रही है। देश में आतंकवाद का खतरा अभी भी कायम है, ऐसे में तीनों नेताओं की सुरक्षा वापस लेना एक साजिश है। जिला उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने कहा कि नेहरू परिवार के दो प्रधानमंत्रियों ने अपने पद पर रहते हुए देश की एकता व अखंडता के लिए कुर्बानी दिया। वरिष्ठ नेता विरेंद्र तिवारी ने कहा कि राजीव गांधी ने देश की तरक्की खुशहाली और अखंडता के लिए अपने प्राणों का आहुति दे दिया। पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से उन्हें भारत रत्न की उपाधि दी गई, जिसको लेकर मोदी और अमित शाह हमेशा टीका टिप्पणी करते रहते हैं और गांधी परिवार को नीचा दिखाने का प्रयास करते ंहै। वरिष्ठ नेता छोटेलाल ने कहा कि आतंकवाद के शिकार हुए दो पूर्व प्रधान मंत्रियों के परिवार के तीन सदस्यों की एसपीजी सुरक्षा वापस लिया जाना बिल्कुल गलत है। कहा कि नेहरू परिवार ने हमेशा देश की तरक्की, खुशहाली के लिए कार्य किया। अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर भारत सरकार द्वारा सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा बहाल नहीं की गई तो पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। बैठक में विकायल प्रसाद, मुकेश यादव, बालमुकुंद सिंह, राजेंद्र तिवारी, किशोर यादव, एनुल मुजफ़्फ़र, रामाधार निराला, रामचंद्र राय ,सदाशिव राय, राजेश राय, आदि समेत अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।