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Mau News: मऊ को यूपी में मिला पहला स्थान, फिर भी गांवों में गंदगी बरकरार
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रानीपुर के जोगापुर में गंदगी से बजबजाती नालियां। संवाद
- फोटो : samvad
मऊ। एक से 30 जुलाई तक चले संचारी रोग नियंत्रण अभियान में मऊ जिले को प्रदेश में पहला स्थान है, जबकि जमीनी हकीकत इससे एक दम अलग है। ग्राम पंचायतों में नालियां पटी मिलीं। हर तरफ गंदगी और कीचड़ ही दिखी।
अमर उजाला की टीम ने पड़ताल में पाया कि ग्राम पंचायतों में बजबजाती नालियां सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं। 30 दिन तक सफाईकर्मियों की टीम ने कागजों में ही सफाई की और स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट में कागज में ही स्वच्छ सुंदर गांव दिखाकर ऊपर रिपोर्ट भेज दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में सफाईकर्मियों की टोली तो दूर तैनात कर्मचारी भी दिखाई नहीं देते हैं। इसी सच्चाई का पता लगाने के लिए टीम ने बुधवार को कुछ ग्राम पंचायतों में पहुंच कर हकीकत की पड़ताल की।
रानीपुर में तीन बड़ी नालियों की नहीं हुई सफाई
रानीपुर संवाददाता के अनुसार रानीपुर ग्राम पंचायत में करीब तीन बड़ी नालियों की बीते छह माह से सफाई नहीं हुई है। गांव के धर्मेंद्र सिंह, डब्लू सिंह, बिजेंद्र सिंह ने बताया कि जुलाई में न तो गांव में नालियों की सफाई हुई न ही दवा का छिड़काव हुआ। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रही है। हल्की बारिश पर आवागमन मुश्किल हो जाता है।
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लकुरा गांव में 100 मीटर लंबी नाली चार वर्षों से नहीं हुई साफ
मधुबन संवाददाता के अनुसार फतहपुर मंडाव ब्लॉक के लकुरा गांव में कैलाश के घर से मिठाई के घर तक 100 मीटर लंबी नाली की चार साल से सफाई नहीं हुई। गांव निवासी राजू विश्वकर्मा, आशीष विश्वकर्मा, विरेंद्र प्रजापति, निकेत शर्मा, विक्रम राजभर, सुभाष शर्मा, मनोज गुप्ता ने बताया कि रास्ते पर गंदा पानी बहने से लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से हर छह माह में संचारी रोग अभियान चलाया जाता है। लेकिन गांव में कुछ नहीं होता। सराय मेवागिरी निवासी चंद्रशेखर राजभर, चतरभून साहनी, रामविलास साहनी, रमेश, श्रीराम ने बताया कि बच्चेलाल साहनी के घर से मधुबन बेल्थरारोड मुख्य मार्ग तक पांच साल पहले 300 मीटर नाली बनी थी। बनने के बाद से कभी सफाई नहीं हुई। बीते दो साल से बजबजाती नाली मुख्य मार्ग पर बह रही है। मधुबन नगर पंचायत निवासी रजनीकांत विश्वकर्मा, प्रेम प्रकाश शर्मा, सूरज गुप्ता, अमरेश, मोनू ने बताया कि पांती गली में 400 मीटर लंबी नाली की बीते आठ माह से सफाई नहीं हुई और न ही दवा का छिड़काव हुआ है।
पीपरसाथ ग्राम पंचायत में छह माह से नाली की सफाई नहीं
रतनपुरा संवाददाता के अनुसार पीपरसाथ ग्राम पंचायत निवासी कृष्णा पांडेय, गोवर्धन बाबा, जिउत गुप्ता, अभिनव पांडेय, जयशंकर सिंह ने बताया कि रामचंद्र गुप्ता के घर से काशी पांडेय के घर तक बनी नाली का बीते छह माह से सफाई हुई है। शिव मंदिर पर बने सोख्ता गड्ढे की भी सफाई नहीं हुई है, इससे दुर्गंध आने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। जोगापुर निवासी सुजीत सिंह, राजेश कुमार, जयशंकर सिंह ने बताया कि विजय के घर से प्राथमिक विद्यालय तक नालवी की सफाई नहीं हुई है न ही गांव में कभी दवा का छिड़काव किया गया।
सूरजपुर में सफाई कर्मी को देखे कई माह हो गए
सूरजपुर संवाददाता के अनुसार दोहरीघाट ब्लॉक के गोठा गौतम नगर निवासी भोला, सत्येंद्र कुमार, अमित, किशन, राहुल, दयाशंकर ने बताया कि गांव में तैनात सफाईकर्मी को देखे कई माह हो गए। नाली भरने के बाद खुद से सफाई करना पड़ती है। बसियाराम गांव निवासी खूबलाल, नेबुलाल, अवधेश कुमार, अरुण ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के पास नाली बजबजा रही है। इस रास्ते आते जाते समय बच्चों को दुर्गंध से परेशानी होती है। इसके अलावा कोपागंज ब्लॉक के धवरियासाथ, भांवरकोल, सोड़सर, जहनियापुर, काछीकला आदि गांवों में भी गंदगी, कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी है।
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पूर्वांचल के सात जिलों को मिला पहला स्थान
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में पूर्वांचल के 10 जिलों में मऊ सहित सात जिलों को 100 फीसदी अंक के पहला स्थान मिला है। पहले स्थान पर मऊ, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही और आजमगढ़ हैं। 98 अंक के साथ बलिया और जौनपुर 16वें, 96 अंक के साथ गाजीपुर 24वें स्थान पर है।
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वर्जन
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा 13 अन्य विभाग शामिल थे। इसमें 1 से 30 जुलाई तक कर्मचारी घर घर जाकर लोगों को अपने आसपास साफ सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही गांवों में दवा की छिड़काव और झाड़ियों की कटिंग कराई गई थी। गंदगी मिली है तो यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होगी।
- राहुल सिंह, सीएमओ, मऊ
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अमर उजाला की टीम ने पड़ताल में पाया कि ग्राम पंचायतों में बजबजाती नालियां सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं। 30 दिन तक सफाईकर्मियों की टीम ने कागजों में ही सफाई की और स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट में कागज में ही स्वच्छ सुंदर गांव दिखाकर ऊपर रिपोर्ट भेज दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में सफाईकर्मियों की टोली तो दूर तैनात कर्मचारी भी दिखाई नहीं देते हैं। इसी सच्चाई का पता लगाने के लिए टीम ने बुधवार को कुछ ग्राम पंचायतों में पहुंच कर हकीकत की पड़ताल की।
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रानीपुर में तीन बड़ी नालियों की नहीं हुई सफाई
रानीपुर संवाददाता के अनुसार रानीपुर ग्राम पंचायत में करीब तीन बड़ी नालियों की बीते छह माह से सफाई नहीं हुई है। गांव के धर्मेंद्र सिंह, डब्लू सिंह, बिजेंद्र सिंह ने बताया कि जुलाई में न तो गांव में नालियों की सफाई हुई न ही दवा का छिड़काव हुआ। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रही है। हल्की बारिश पर आवागमन मुश्किल हो जाता है।
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लकुरा गांव में 100 मीटर लंबी नाली चार वर्षों से नहीं हुई साफ
मधुबन संवाददाता के अनुसार फतहपुर मंडाव ब्लॉक के लकुरा गांव में कैलाश के घर से मिठाई के घर तक 100 मीटर लंबी नाली की चार साल से सफाई नहीं हुई। गांव निवासी राजू विश्वकर्मा, आशीष विश्वकर्मा, विरेंद्र प्रजापति, निकेत शर्मा, विक्रम राजभर, सुभाष शर्मा, मनोज गुप्ता ने बताया कि रास्ते पर गंदा पानी बहने से लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से हर छह माह में संचारी रोग अभियान चलाया जाता है। लेकिन गांव में कुछ नहीं होता। सराय मेवागिरी निवासी चंद्रशेखर राजभर, चतरभून साहनी, रामविलास साहनी, रमेश, श्रीराम ने बताया कि बच्चेलाल साहनी के घर से मधुबन बेल्थरारोड मुख्य मार्ग तक पांच साल पहले 300 मीटर नाली बनी थी। बनने के बाद से कभी सफाई नहीं हुई। बीते दो साल से बजबजाती नाली मुख्य मार्ग पर बह रही है। मधुबन नगर पंचायत निवासी रजनीकांत विश्वकर्मा, प्रेम प्रकाश शर्मा, सूरज गुप्ता, अमरेश, मोनू ने बताया कि पांती गली में 400 मीटर लंबी नाली की बीते आठ माह से सफाई नहीं हुई और न ही दवा का छिड़काव हुआ है।
पीपरसाथ ग्राम पंचायत में छह माह से नाली की सफाई नहीं
रतनपुरा संवाददाता के अनुसार पीपरसाथ ग्राम पंचायत निवासी कृष्णा पांडेय, गोवर्धन बाबा, जिउत गुप्ता, अभिनव पांडेय, जयशंकर सिंह ने बताया कि रामचंद्र गुप्ता के घर से काशी पांडेय के घर तक बनी नाली का बीते छह माह से सफाई हुई है। शिव मंदिर पर बने सोख्ता गड्ढे की भी सफाई नहीं हुई है, इससे दुर्गंध आने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। जोगापुर निवासी सुजीत सिंह, राजेश कुमार, जयशंकर सिंह ने बताया कि विजय के घर से प्राथमिक विद्यालय तक नालवी की सफाई नहीं हुई है न ही गांव में कभी दवा का छिड़काव किया गया।
सूरजपुर में सफाई कर्मी को देखे कई माह हो गए
सूरजपुर संवाददाता के अनुसार दोहरीघाट ब्लॉक के गोठा गौतम नगर निवासी भोला, सत्येंद्र कुमार, अमित, किशन, राहुल, दयाशंकर ने बताया कि गांव में तैनात सफाईकर्मी को देखे कई माह हो गए। नाली भरने के बाद खुद से सफाई करना पड़ती है। बसियाराम गांव निवासी खूबलाल, नेबुलाल, अवधेश कुमार, अरुण ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के पास नाली बजबजा रही है। इस रास्ते आते जाते समय बच्चों को दुर्गंध से परेशानी होती है। इसके अलावा कोपागंज ब्लॉक के धवरियासाथ, भांवरकोल, सोड़सर, जहनियापुर, काछीकला आदि गांवों में भी गंदगी, कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी है।
पूर्वांचल के सात जिलों को मिला पहला स्थान
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में पूर्वांचल के 10 जिलों में मऊ सहित सात जिलों को 100 फीसदी अंक के पहला स्थान मिला है। पहले स्थान पर मऊ, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही और आजमगढ़ हैं। 98 अंक के साथ बलिया और जौनपुर 16वें, 96 अंक के साथ गाजीपुर 24वें स्थान पर है।
वर्जन
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा 13 अन्य विभाग शामिल थे। इसमें 1 से 30 जुलाई तक कर्मचारी घर घर जाकर लोगों को अपने आसपास साफ सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही गांवों में दवा की छिड़काव और झाड़ियों की कटिंग कराई गई थी। गंदगी मिली है तो यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होगी।
- राहुल सिंह, सीएमओ, मऊ