Mau: सर्पदंश के बाद अंधविश्वास की भेंट चढ़ी फिर एक युवती, एक सप्ताह में दूसरी घटना, परिजनों में कोहराम
चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के हाफिजपुर गांव निवासी संजू पुत्री जगरुप राम मंगलवार की देर रात एक कमरे में रखे बक्से में से कुछ कपड़े निकाल रही थी। इस बीच पहले से उस बक्से में मौजूद एक जहरीले सांप ने युवती के दाहिने हाथ की एक उंगली में काट लिया। परिजन के लोग दो घंटे तक घरेलू नुख्सा करने लगे।
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मऊ में स्थानीय थाना क्षेत्र के हाफिजपुर गांव में मंगलवार की बीती रात एक युवती सर्पदंश का शिकार हो गई। घटना की जानकारी होने के बावजूद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाए झाड़फुंक में लगे रहे, फलस्वरूप कुछ घंटों बाद युवती ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। चौकानें वाली बात है कि सर्पदंश की यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी घटना थाना क्षेत्र में घटी, जहां अंधविश्वास के चलते दोनों पीड़ितों ने अपने जान गंवा दी।
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जानकारी के अनुसार चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के हाफिजपुर गांव निवासी संजू (25) पुत्री जगरुप राम मंगलवार की देर रात एक कमरे में रखे बक्से में से कुछ कपड़े निकाल रही थी। इस बीच पहले से उस बक्से में मौजूद एक जहरीले सांप ने युवती के दाहिने हाथ की एक उंगली में काट लिया। परिजन के लोग दो घंटे तक घरेलू नुख्सा करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख सबसे पहले आजमगढ़ जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हलगंज में ले गये। जहां पर चिकित्सक ने स्थित नाजुक देख वापस कही और जाने की बात बताकर रेफर कर दिया। लेकिन सर्प की डंस से पीड़ित युवती को लेकर खरीहानी बाजार में गए, यहां डॉक्टर न होने पर परिजन उसे किसी सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाए गाजीपुर जनपद के अमवा की सती मां स्थान पर पहुंचे। लेकिन इस बीच इलाज के अभाव में युवती ने दम तोड़ दिया। घटना से मृतका के पिता जगरूप राम, माता चन्द्रमी , भाई गुलाब राम, पदुम, बहन मंजू का रो रोकर बुरा हाल था।
पांच जुलाई को एक किशोर की जा चुकी है जान
थाना क्षेत्र के कमालचक वार्ड के बानोचक मुहल्ला निवासी प्रमोद राम का 13 वर्षीय पुत्र रविशंकर राम बीते चार जुलाई की शाम करीब चार बजे मुहल्ला के कुछ बच्चों के साथ अपने घर के एक कमरे में बैठकर खेल रहा था। किसी तरफ से आ कर सर्प ने दाहिना हाथ के तर्जनी उंगली में काट लिया। परिजन के लोग छिपकली का काटना समझकर घरेलू नुख्सा करने लगे। स्थित बिगड़ती देख सबसे पहले आजमगढ़ जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हलगंज में ले गये। जहा पर चिकित्सक ने स्थित नाजुक देखकर हायर सेन्टर के लिए रेफर कर दिया। लेकिन परिजन अस्पताल के बजाय सर्प की डंस से पीड़ित बालक को लेकर देर शाम गाजीपुर जनपद के अमवा की सती मां जा ही रहे थे। जहां रास्ते में ही बालक नेअपना दम तोड़ दिया था।
चिरैयाकोट पीएचसी, लेकिन यहां नहीं हैं एंटी स्नेक वेनम
हर रविवार को आयोजित होने वाले जनआरोग्य मेले में सर्वाधिक मरीजों का इलाज कराने वाले चिरैयाकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता नहीं है।यहां एक ही चिकित्सक का पद है, जो कि सुबह से दोपहर तक अस्पताल पर मौजूद रहते है, लेकिन शाम को यहां इलाज राम भरोसे हो जाता है। ऐसे में गंभीर होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर को मरीज को जाना पड़ता है।
सर्पदंश का शिकार होने पर झाड़फुंक के बजाए जल्द से जल्द सरकारी अस्पताल में पहुंचकर इलाज कराए। यहां एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता जिला अस्पताल से लेकर हर सीएचसी पर उपलब्ध है।- डॉ. नंद कुमार, सीएमओ मऊ