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बरसात शुरू, 61 जर्जर मकानों को नहीं कराया जा सका खाली
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मऊ। जिले में मानसून ने दस्तक दे दिया है, रविवार को जिले में कई जगहों पर अच्छी बारिश हुई। इससे नगर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है। ऐसे में नगर में पुराने हो चुके जर्जर भवन गिरने से कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बावजूद नगर पालिका द्वारा न तो इस साल जर्जर भवनों को चिह्नित करने के लिए सर्वे किया गया है न ही पिछले साल चिह्नित हुए नगर के 18 मुहल्लों में जर्जर भवन के स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। जबकि मानसून का यह अभी शुरुआती दौर है, आगे तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में दशकों पुराने हो चुके जर्जर भवनों के गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जबकि नगर पालिका की उदासीनता के चलते इन घरों में अभी लोग रह रहे हैं।
बारिश का मौसम आते ही हर साल नगर के साथ जिले में किसी न किसी क्षेत्र में जर्जर भवन या कच्चे भवनों का गिरना आम बात होती है। इससे निपटने के लिए नगर निकायो द्वारा मानसून सत्र से पूर्व ही अपने अपने क्षेत्रों में सर्वे कर जर्जर भवनों को चिह्नित करने का कार्य किया जाता है, जिससे मानसून शुरू होने से पूर्व उन भवनों से लोगों को दूसरे जगह हटाया जा सका। जिससे भवन ढहने की स्थिति में कोई जनहानि का नुकसान न हो। लेकिन इसके विपरीत नगर पालिका मऊ में इस साल मानसून से पहले इसके लिए सर्वे नहीं कराया गया है। यहीं नहीं बीते साल सर्वे में 18 मुहल्लों में 61 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी इन जर्जर भवन स्वामियों को न तो नोटिस दिया गया है न ही इसमें रह रहे लोगों को हटाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में बारिश में जर्जर भवनों के गिरने पर बड़ा हादसा घटित हो सकता है। इस बाबत नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है कि जल्द ही जर्जर भवनों को चिह्नित करने का कार्य किया जाएगा, साथ ही उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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बारिश का मौसम आते ही हर साल नगर के साथ जिले में किसी न किसी क्षेत्र में जर्जर भवन या कच्चे भवनों का गिरना आम बात होती है। इससे निपटने के लिए नगर निकायो द्वारा मानसून सत्र से पूर्व ही अपने अपने क्षेत्रों में सर्वे कर जर्जर भवनों को चिह्नित करने का कार्य किया जाता है, जिससे मानसून शुरू होने से पूर्व उन भवनों से लोगों को दूसरे जगह हटाया जा सका। जिससे भवन ढहने की स्थिति में कोई जनहानि का नुकसान न हो। लेकिन इसके विपरीत नगर पालिका मऊ में इस साल मानसून से पहले इसके लिए सर्वे नहीं कराया गया है। यहीं नहीं बीते साल सर्वे में 18 मुहल्लों में 61 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी इन जर्जर भवन स्वामियों को न तो नोटिस दिया गया है न ही इसमें रह रहे लोगों को हटाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में बारिश में जर्जर भवनों के गिरने पर बड़ा हादसा घटित हो सकता है। इस बाबत नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है कि जल्द ही जर्जर भवनों को चिह्नित करने का कार्य किया जाएगा, साथ ही उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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