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पुरुष चिकित्सक करते हैं महिलाओं का इलाज
mau
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पीएचसी रानीपुर में महिलाओं का इलाज पुरुष चिकित्सक कर रहे हैं। महिला चिकित्सक की नियुक्ति न होने से महिला मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। संकोचवश पुरुष चिकित्सक के सामने महिलाएं खुलकर अपनी समस्या का जिक्र नहीं कर पाती हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है।
रानीपुर ब्लाक के फतेहपुर, पड़री, खिरिया, गोकुलपुरा, पलिया, भुसुआ, सेमरी, करपिया, चकिया, चितवीसाव सहित 50 गांवों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा रानीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर दिया गया है। सुविधा के नाम पर सब कुछ उपलब्ध रहने के बावजूद दो साल से महिला चिकित्सक न होने के चलते अस्पताल में महिला मरीजों की संख्या कम रहती है। सबसे अधिक परेशानी प्रसव पीड़ा से ग्रसित महिलाओं को उठाना पड़ता है। वह महिला चिकित्सक के अभाव में निजी क्लीनिकों में ही प्रसव कराने को बाध्य हैं। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि दो साल पहले अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सका का स्थानातरण दूसरे अस्पताल में होने के बाद से अस्पताल में चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है।
वहीं महिला चिकित्सक की नियुक्ति की मांग को स्थानीय शक्ती सिंह, संजय, मुकेश और रमेश आदि ग्रामीण ने बताया कि कई बार सीएमओ और जिला प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके है। लेकिन हर बार प्रशासन या विभाग स्तर से सिर्फ महिला चिकित्सक की नियुक्ति का कोरा आश्वासन मिला। ग्रामीणों ने बताया कि महिला चिकित्सक के अभाव में यमहिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिलाएं अपनी बीमारी के बारे में खुलकर पुरुष चिकित्सक से नहीं कर पाती हैं।
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रानीपुर ब्लाक के फतेहपुर, पड़री, खिरिया, गोकुलपुरा, पलिया, भुसुआ, सेमरी, करपिया, चकिया, चितवीसाव सहित 50 गांवों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा रानीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर दिया गया है। सुविधा के नाम पर सब कुछ उपलब्ध रहने के बावजूद दो साल से महिला चिकित्सक न होने के चलते अस्पताल में महिला मरीजों की संख्या कम रहती है। सबसे अधिक परेशानी प्रसव पीड़ा से ग्रसित महिलाओं को उठाना पड़ता है। वह महिला चिकित्सक के अभाव में निजी क्लीनिकों में ही प्रसव कराने को बाध्य हैं। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि दो साल पहले अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सका का स्थानातरण दूसरे अस्पताल में होने के बाद से अस्पताल में चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है।
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वहीं महिला चिकित्सक की नियुक्ति की मांग को स्थानीय शक्ती सिंह, संजय, मुकेश और रमेश आदि ग्रामीण ने बताया कि कई बार सीएमओ और जिला प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके है। लेकिन हर बार प्रशासन या विभाग स्तर से सिर्फ महिला चिकित्सक की नियुक्ति का कोरा आश्वासन मिला। ग्रामीणों ने बताया कि महिला चिकित्सक के अभाव में यमहिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिलाएं अपनी बीमारी के बारे में खुलकर पुरुष चिकित्सक से नहीं कर पाती हैं।
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