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संस्कार सुधार बनाएं कारागार, बदला नहीं, खुद को बदलें : भगवान भाई
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मऊ। जिला कारागार में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय केंद्र के तत्वावधान में ‘’कर्म गति और व्यवहार शुद्धि विषय पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, माउंट आबू से आए भगवान भाई ने बंदियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिला कारागार केवल बंदियों को रखने की जगह नहीं, बल्कि एक सुधारगृह है। यहां एक-दूसरे से बदला लेने के बजाय खुद में सुधार लाने का संकल्प लें। बदला लेने की भावना से समस्याएं सुलझने के बजाय और बढ़ जाती हैं। भगवान भाई ने बंदियों का आह्वान किया कि वे जेल के शांत और एकांत माहौल को तपोस्थल के रूप में स्वीकार करें।
उन्होंने कहा कि बंदी चिंतन करें कि उनके जीवन का असली उद्देश्य क्या है और परमात्मा ने उन्हें किस काम के लिए भेजा है। जब व्यक्ति अपने मूल स्वरूप (दया, शांति और क्षमा) को भूल जाता है, तभी उससे भूलें होती हैं।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन अनमोल है, इसे व्यर्थ की बुराइयों में न गंवाएं। परिस्थितियों को परीक्षा मानकर धैर्य और सहनशीलता से सामना करेंगे तो भविष्य के दुखों से बच सकते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके जितेंद्र सिंह ने बताया कि विषय-वासनाओं के वश में होकर ही मनुष्य अपराध कर बैठता है। वहीं, जेल अधीक्षक आनंद शुक्ल ने बंदियों से कहा कि मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बनता है। इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच रखें। इस दौरान बीके अशोक भाई, बीके प्रेम सागर भाई और डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद सहित जेल प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि बंदी चिंतन करें कि उनके जीवन का असली उद्देश्य क्या है और परमात्मा ने उन्हें किस काम के लिए भेजा है। जब व्यक्ति अपने मूल स्वरूप (दया, शांति और क्षमा) को भूल जाता है, तभी उससे भूलें होती हैं।
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उन्होंने कहा कि मानव जीवन अनमोल है, इसे व्यर्थ की बुराइयों में न गंवाएं। परिस्थितियों को परीक्षा मानकर धैर्य और सहनशीलता से सामना करेंगे तो भविष्य के दुखों से बच सकते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके जितेंद्र सिंह ने बताया कि विषय-वासनाओं के वश में होकर ही मनुष्य अपराध कर बैठता है। वहीं, जेल अधीक्षक आनंद शुक्ल ने बंदियों से कहा कि मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बनता है। इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच रखें। इस दौरान बीके अशोक भाई, बीके प्रेम सागर भाई और डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद सहित जेल प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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