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लौवासाथ गांव में शराब की भट्ठियां तोड़ी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 09 Feb 2016 11:56 PM IST
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मधुबन थाना क्षेत्र में अवैध कचिया शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कारोबारियों पर अंकुश लगाने में यहां पुलिस एवं आबकारी विभाग दोनों फेल साबित हो रहे हैं। मंगलवार को इससे तंग आकर लौवासाथ की महिलाओं ने अवैध कचिया शराब व्यवसाय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लामबंद होकर प्रदर्शन करते हुए कई शराब की भट्ठियां तोड़ी और सैकड़ों लीटर लहन नष्ट किया। इसे लेकर क्षेत्र के कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
बता दें लौवासाथ गांव में काफी दिनों से कचिया शराब का कारोबार संचालित है। क्षेत्र में कई अवैध शराब की भट्ठियां भी धधकती हैं और कई स्थानों पर ड्रम में रखकर शराब बेची भी जाती है। इससे कारोबारियों को भले ही फायदा होता है लेकिन गांव के पुरुष शराब के नशे की लत में अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। यही नहीं गांव की महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होकर रोज रोज की किचकिच से तंग भी आ चुकी हैं।
इसकी शिकायत गांव के लोगों ने पुलिस से भी की लेकिन कारोबार पर अंकुश नहीं लग सका।
मंगलवार को इसी बात को लेकर गांव की बेचनी, देवंती, चमेली, राजकुमारी आदि ने महिलाओं को इकट्ठा कर गांव में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ जुलूस निकाला और कारोबार को पूरी तरह बंद कराने की मांग की। जुुलूस के दौरान महिलाओं ने कुछ स्थानों पर रखे सैकड़ों लीटर लहन और शराब की भट्ठियां भी नष्ट की। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि गांव में शराब बेचने का कार्य कुछ लोग सुबह से ही शुरू कर देते हैं। उनके परिवार के सदस्य मजदूरी करते हैं और अपनी गाढ़ी कमाई को शराब में तो खर्च करते ही हैं अपना स्वास्थ्य भी खराब कर लेते हैं। कहा कि इससे घर के बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। वहीं पुलिस से शिकायत के बाद भी इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं हो रही है। इस संबंध में एसएचओ हवलदार सिंह यादव का कहना है कि उनके कार्यकाल में किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन कर विरोध जताने वालों में चमेली मीना फुलिया तारा सम्भू यादव मनीष कन्नौजिया सत्यनारायण आदि ग्रामीण शामिल रहे।
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बता दें लौवासाथ गांव में काफी दिनों से कचिया शराब का कारोबार संचालित है। क्षेत्र में कई अवैध शराब की भट्ठियां भी धधकती हैं और कई स्थानों पर ड्रम में रखकर शराब बेची भी जाती है। इससे कारोबारियों को भले ही फायदा होता है लेकिन गांव के पुरुष शराब के नशे की लत में अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। यही नहीं गांव की महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होकर रोज रोज की किचकिच से तंग भी आ चुकी हैं।
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इसकी शिकायत गांव के लोगों ने पुलिस से भी की लेकिन कारोबार पर अंकुश नहीं लग सका।
मंगलवार को इसी बात को लेकर गांव की बेचनी, देवंती, चमेली, राजकुमारी आदि ने महिलाओं को इकट्ठा कर गांव में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ जुलूस निकाला और कारोबार को पूरी तरह बंद कराने की मांग की। जुुलूस के दौरान महिलाओं ने कुछ स्थानों पर रखे सैकड़ों लीटर लहन और शराब की भट्ठियां भी नष्ट की। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि गांव में शराब बेचने का कार्य कुछ लोग सुबह से ही शुरू कर देते हैं। उनके परिवार के सदस्य मजदूरी करते हैं और अपनी गाढ़ी कमाई को शराब में तो खर्च करते ही हैं अपना स्वास्थ्य भी खराब कर लेते हैं। कहा कि इससे घर के बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। वहीं पुलिस से शिकायत के बाद भी इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं हो रही है। इस संबंध में एसएचओ हवलदार सिंह यादव का कहना है कि उनके कार्यकाल में किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन कर विरोध जताने वालों में चमेली मीना फुलिया तारा सम्भू यादव मनीष कन्नौजिया सत्यनारायण आदि ग्रामीण शामिल रहे।