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बारिश, ओले से फसलों का नुकसान
Tue, 26 Mar 2019 11:00 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 26 Mar 2019 11:00 PM IST
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परदहां ब्लाक के खरगजेपुर में साेमवार रात बारिश तथा ओले गिरने से गेहूं तथा सरसों की फसलें खराब हो गईं।
- फोटो : mau
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सोमवार की रात अचानक हुई बरसात और ओले गिरने से गेहूं सहित सभी फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं की खड़ी फसल बरसात के साथ हवा के तेज थपेड़ों से खेतों में जमीन पर गिर गई। तिलहनी और दलहनी फसलों सहित आम और सब्जियों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। मंगलवार को भी दिन भर आसामन में बादल और धूप के बीच लुकाछिपी होती रही। गेहूं की फसल जमीन पर गिरने से उत्पादन काफी घटने के आसार बढ़ गए हैं। उधर, मौसम में बार बार बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
सोमवार की रात में लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसी दौरान लगभग एक बजे तेज आंधी और गरज चमक के साथ वर्षा और ओले पड़ने लगे। रात से ही यह जारी वर्षा मंगलवार सुबह नौ बजे तक जारी रही। अचानक आई बारिश आैर ओले से लोग हतप्रभ रहे गए। रास्ते पर लोगों को ओले पड़े दिखे। जबकि तेज हवाओं से पेड़ के पत्ते जगह जगह बिखरे रहे। मौसम बदलने से सुबह ठंड का एहसास तो हुआ लेकिन मौसम सुहावना होने से लोग खुश दिखे।
वर्षा के चलते परीक्षार्थियों को भींगकर परीक्षा केंद्रों पर जाना पड़ा। उधर वर्षा से गेहूं की फसलें खेतों में जमीन पर सो गईं। इसके अलावा सरसो की पकी फसल पर भी बरसात का बुरा प्रभाव पड़ा। आम के बौर पर भी इस वर्षा ने प्रतिकूल प्रभाव डाला। इसके साथ ही टमाटर, गोभी प्याज हरी मिर्च सहित सभी हरी सब्जियों को भी भारी नुकसान हुआ।
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कृषि विज्ञान केंद्र पिल्खी वरुना के कृषि वैज्ञानिक डा. पीएन सिंह ने बताया कि इस वर्षा से सभी फसलों यहां तक कि आम के बौरों को भी नुकसान होगा।
गेहूं के उत्पादन पर काफी बुरा असर होगा।जिन खेतों में गेहूं की फसल जमीन पर सो गई है। उसक दाने काफी हल्के हो जाएंगे। इसका उत्पादन 30से 40 प्रतिशत गिरने की संभावना बढ़ गई है।
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सोमवार की रात में लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसी दौरान लगभग एक बजे तेज आंधी और गरज चमक के साथ वर्षा और ओले पड़ने लगे। रात से ही यह जारी वर्षा मंगलवार सुबह नौ बजे तक जारी रही। अचानक आई बारिश आैर ओले से लोग हतप्रभ रहे गए। रास्ते पर लोगों को ओले पड़े दिखे। जबकि तेज हवाओं से पेड़ के पत्ते जगह जगह बिखरे रहे। मौसम बदलने से सुबह ठंड का एहसास तो हुआ लेकिन मौसम सुहावना होने से लोग खुश दिखे।
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वर्षा के चलते परीक्षार्थियों को भींगकर परीक्षा केंद्रों पर जाना पड़ा। उधर वर्षा से गेहूं की फसलें खेतों में जमीन पर सो गईं। इसके अलावा सरसो की पकी फसल पर भी बरसात का बुरा प्रभाव पड़ा। आम के बौर पर भी इस वर्षा ने प्रतिकूल प्रभाव डाला। इसके साथ ही टमाटर, गोभी प्याज हरी मिर्च सहित सभी हरी सब्जियों को भी भारी नुकसान हुआ।
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कृषि विज्ञान केंद्र पिल्खी वरुना के कृषि वैज्ञानिक डा. पीएन सिंह ने बताया कि इस वर्षा से सभी फसलों यहां तक कि आम के बौरों को भी नुकसान होगा।
गेहूं के उत्पादन पर काफी बुरा असर होगा।जिन खेतों में गेहूं की फसल जमीन पर सो गई है। उसक दाने काफी हल्के हो जाएंगे। इसका उत्पादन 30से 40 प्रतिशत गिरने की संभावना बढ़ गई है।