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Mau News: एक ऐसा स्कूल जहां बच्चे संचालित करते हैं विद्यार्थी शिक्षा समृद्धि बैंक

Fri, 04 Sep 2026 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:18 PM IST
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A school where children run a 'Student Education Prosperity Bank'.
घोसी के धरौली ​स्थित उच्च प्रा​थमिक विद्यालय में विद्यार्थी ​शिक्षा समृद्धि बैंक में लेन देन कर
मऊ। यह राष्ट्रीयकृत या निजी बैंक नहीं, बल्कि जिले के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में ''बच्चों का विद्यार्थी शिक्षा समृद्धि बैंक'' हैं फिर भी इसकी कार्यप्रणाली पूरी तरह बैंक की तरह ही है। यहां बच्चे अभिभावकों से मिले जेब खर्च को बचाकर कुछ रकम जमा करते हैं और उसी से पाठ्य सामग्री मसलन, पेंसिल, रबर, कटर, कॉपी, पेन व पाठ्य पुस्तकें आदि खरीदते हैं। यही नहीं, कभी जरूरत पर पैसे नहीं रहते तो इसी बैंक से बिना ब्याज के ऋण भी ले लेते हैं। इसका संचालन बच्चे ही करते हैं। यह बैंक राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित घोसी ब्लॉक क्षेत्र के धरौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. रामबिलास भारती की सोच का नतीजा है।
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घोसी ब्लॉक क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय धरौली में 178 बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चे छोटी-छोटी चीजों के लिए परेशान होते थे। किसी के पास पेंसिल नहीं होती थी तो किसी के पास कॉपी। उनकी जरूरतों को देख प्रधानाध्यापक डॉॅ. रामबिलास भारती ने स्कूल में बैंक खोलने की योजना बनाई। सोचा कि खुद के जेब खर्च को बचाकर बच्चे ऐसा कर सकते हैं। सबके प्रयास से वर्ष 2017-18 से विद्यालय में विद्यार्थी शिक्षा समृद्धि बैंक संचालित है। बैंक के नियम के अनुसार बच्चे कम से कम एक दिन में पांच रुपये से अधिकतम 100 रुपये जमा कर सकते हैं। महत्वपूर्ण यह कि बैंक का संचालन पूरी तरह से स्कूली छात्र करते हैं और यह बैकिंग प्रणाली पर आधारित है। जैसे राष्ट्रीय बैंकों में विड्राल या डिपॉजिट फॉर्म भरकर जमा-निकासी होती है, ठीक उसी तरह बच्चे भी अपनी धनराशि जमा या निकालते हैं। बैंक में प्रबंधक से लेकर खजांची, लिपिक तक का काम बच्चे करते हैं।
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बैंक में 110 बच्चों के खाते खुले हैं। जब बच्चा शिक्षा पूरी कर विद्यालय से जाता है तो विद्यालय प्रधानाध्यापक की तरफ से जमा धनराशि का 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रधानाध्यापक डॉ. रामबिलास भारती का कहना था कि बैंक के जरिए छात्रों में अनुशासन, स्वावलंबन, जिम्मेदारी, सहभागिता व सामंजस्य की भावना को विकसित करना उद्देश्य है। बैंक खुलने का असर भी दिखने लगा है, इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और बच्चे पहले से ज्यादा अनुशासित हो गए हैं। बच्चों की छोटी-सी कोशिश आज पूरे समाज व शिक्षा जगत में एक नए संदेश का संचार कर रही है। विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां डॉ. नीलेश एम देसाई स्पेस लैब बना है, जहां बच्चे आधुनिक शिक्षा हासिल करते हैं। शिक्षा क्षेत्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ष 2023 में प्रधानाध्यापक डॉ. रामबिलास भारती को राज्य अध्यापक पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा भी कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है।
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