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Mau News: खेल मैदानों पर ताले और झाड़ियां, सड़कों पर पसीना बहा रहे युवा

Sun, 27 Sep 2026 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:15 AM IST
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Locks and bushes on sports grounds; youth sweating it out on the roads
फतहपुर मंडाव ब्लाक के मलकौली गांव  में बदहाल मनरेगा मैदान, हुआ जलजमाव, उगा खरपतवार।
मऊ। युवाओं की सेहत और प्रतिभा निखारने के लिए हर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत खेल मैदान बनाने की योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। जिन गांवों में मैदान बने हैं, वहां रखरखाव के अभाव में झाड़-झंखाड़ और गड्ढों का बोलबाला है। सुविधाओं और साफ-सफाई के अभाव में युवा जान जोखिम में डालकर सड़क की पटरियों पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। जिले के नौ ब्लॉकों की 645 में से 100 ग्राम पंचायतों में मनरेगा खेल मैदान बनाए गए हैं। टीम ने शनिवार को 27 खेल मैदानों की पड़ताल की। इस पड़ताल में खेल मैदानों की हकीकत और रखरखाव की पोल खुल गई।
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कोपागंज ब्लॉक के शाहपुर खेल मैदान में लगे झूले, सीढ़ियां, चकरी आदि मशीनें टूट गई हैं। रखरखाव नहीं होने से झाड़ियां उग आई हैं। लाडनपुर खेल मैदान में स्थित खेल का सामान पूरी तरह टूट गया है और सफाई नहीं होने से स्थिति बहुत खराब है। हसनपुर में बना मनरेगा खेल मैदान गड्ढे में होने के चलते पानी से भरा है। यहां भी ओपन जिम के उपकरण और झूले टूट गए हैं और शौचालय गंदगी से पटा है।
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रानीपुर ब्लॉक के पिरूवा, नासीरपुर, चंद्रावती, भेड़ियाधर, कमथरी नूरपुर, चैनपुर, मखुनी, दुर्जेपुर, देवखरी, महासो, मंडूसरा, गोपालपुर रक्षाराय और धर्मसीपुर में खेल मैदान बने हैं। कमथरी, चंद्रावती, भेड़ियाधर और नूरपुर स्थित खेल मैदान के सभी सामान टूटकर जमीन पर पड़े दिखाई दिए। नासिरपुर में कुछ उपकरण टूटे हैं, जबकि कुछ ठीक हैं। देवखरी में चकरी के अलावा मैदान में कुछ भी नहीं बचा है। केवल बड़ी-बड़ी झाड़ियां दिखाई दे रही थीं। अन्य जगहों पर भी यही स्थिति देखने को मिली।
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फतहपुर मंडाव ब्लॉक के लखनौर, डुमरी, तिनहरी, फूलपुर, मलकौली, उतराई, नसीरपुर कुशहा, कुंडा, सिंहासन, काठतराव सहित 11 खेल मैदान हैं। सिंहासन गांव में बना मनरेगा पार्क घास-फूस से पटा हुआ है। उपकरण जिस स्थिति में लगाए गए थे, आज भी उसी स्थिति में हैं। यहां के युवाओं ने बताया कि कोई भी उपकरण उपयोग करने लायक नहीं है। यहां जाने के लिए रास्ता भी नहीं है।
मलकौली गांव के मनरेगा पार्क में उपकरण लगे हुए हैं, लेकिन इसमें हमेशा ताला बंद रहता है। यहां जाने के लिए घास-फूस वाला कच्चा रास्ता है और परिसर से 11 हजार वोल्ट का बिजली पोल लगा हुआ है, जिसके डर से युवा कभी अंदर नहीं गए।
घोसी ब्लॉक के कारीसाथ, खानपुर बुजुर्ग, केरमा महरूपुर और हाजीपुर में खेल मैदान बनाए गए हैं, लेकिन यहां भी हालत बदतर है। रतनपुरा ब्लॉक के सिधवल, पीपरसाथ, मेउड़ीकला, गाढ़ा सहित सात खेल मैदान बने हैं। सभी जगहों पर घास-फूस और जंगली पौधे उगे हुए हैं। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के चकजाफरी, ओटनी, सौसरवा बरहदपुर, अलाउद्दीनपुर, खालिसा, नगपुर, गुल्लीगढ़, देवरियाखुर्द, दपेहड़ी और सियाबस्ती गांव में खेल के मैदान बने हैं।

टूटे खेल उपकरण, गंदगी और जलभराव
अमिला। बड़राव ब्लॉक के रेयाव में करीब दो वर्ष पहले तैयार हुआ खेल मैदान इन दिनों पशुओं के लिए चारागाह बना हुआ है। परिसर में जगह-जगह घास उगी है और काफी संख्या में बकरियां मैदान में बैठी और घास चरती दिखाई दीं। पड़ताल के दौरान खेल मैदान में लगाए गए खेल उपकरण टूट चुके हैं। वहीं, खेल मैदान बनने के बाद एक भी लाइट नहीं लगी है। इससे रात के समय उपयोग के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है। यहां ग्रामीणों और खिलाड़ियों के लिए लगाए गए खेल उपकरण क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। मैदान में बैठने के लिए बनाई गई सीमेंटेड बेंच भी टूट गई हैं। खेल मैदान में लगी लाइटें गायब हैं। साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने से परिसर की स्थिति बदहाल है।

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम बदहाल, भटक रहे युवा खिलाड़ी
मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित नगर का इकलौता इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम इन दिनों बदहाली का शिकार है। कभी स्थानीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का केंद्र रहा यह स्टेडियम आज बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है, जिससे क्षेत्र के उदीयमान खिलाड़ियों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का आरोप है कि स्टेडियम के रखरखाव पर लंबे समय से कोई ध्यान नहीं दिया गया है। दौड़ने के लिए बना रनिंग ट्रैक पूरी तरह जर्जर हो चुका है शाम ढलते ही स्टेडियम परिसर में पर्याप्त लाइट व्यवस्था न होने से अंधेरा छा जाता है।

युवाओं की प्रतिक्रिया
लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए मैदानों में यदि खेल उपकरण टूटे रहें, रोशनी और साफ-सफाई की व्यवस्था न हो तो इनका उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। संबंधित विभाग को मैदानों की नियमित देखरेख कराकर खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। - देवानंद चौरसिया उर्फ भोला, खिलाड़ी

रेयाव और चिउटीडॉड के मैदानों में उपकरणों की खराब स्थिति और गंदगी से खिलाड़ियों में निराशा पैदा होती है। मैदानों को पशुओं से सुरक्षित रखने के साथ नियमित साफ-सफाई, प्रकाश और क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत कराई जानी चाहिए। - आशुतोष यादव, खिलाड़ी



बारिश के कारण घास उग गए हैं। बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद सफाई कराई जाएगी। खेल मैदान वित्त आयोग और मनरेगा से बने हैं। अब वीबी-जी-रामजी और वित्त आयोग से अनुमोदित कराकर नए सिरे से काम कराया जाएगा। - राजीव कुमार, डीसी वीबी-जी-रामजी, मऊ
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