{"_id":"60a6870d8ebc3e25fd715e6a","slug":"life-was-affected-due-to-continuous-rain-mau-news-vns5904687151","type":"story","status":"publish","title_hn":"लगातार झमाझम बारिश से प्रभावित रहा जनजीवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लगातार झमाझम बारिश से प्रभावित रहा जनजीवन
विज्ञापन
मऊ। चक्रवाती तूफान के कारण बृहस्पतिवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में मध्याह्न बाद तक रुक-रुक कर झमाझम बारिश होने से जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह से ही किसान धान की नर्सरी डालने के लिए खेत पहुुंच गए। नगर के मुख्य मार्ग सहित निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश होने से दोहरीघाट कस्बे में एक व्यक्ति का जर्जर मकान ढहने से महिला सहित दो बच्चे घायल हो गए। बारिश से नगर के एक दर्जन मुहल्लों सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
बुधवार की रात से झमाझम बारिश शुरू हो गई। रात भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बृहस्पतिवार को सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश दोपहर तक होने से जनजीवन प्रभावित रहा। तेज बारिश होने से नगर के मुख्य मार्गों, सहादतपुरा स्थित सोनीधापा बालिका इंटर कालेज कैंपस, शिक्षा विभाग कालोनी कैंपस में जलभराव हो गया। इसी क्रम में नगर के भीटी, निजामुद्दीनपुरा, मुुंशीपुरा, महरनिया सहित विभिन्न मुहल्लों में जलभराव से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। नगर के बख्तावरगंज फीडर में आई तकनीकी खामी के चलते शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही। सुबह से बारिश के दौरान किसान धान की नर्सरी डालने के लिए खेत पहुुंच गए। किसानों को गर्मी की जुताई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी भी मिल गई। इससे किसानों के चेहरे पर चमक देखी जा रही थी। वहीं सब्जी के खेतों में पानी भरने से किसान चिंतित दिखे। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना था कि बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है। संडा विधि से धान की नर्सरी डालने का उपयुक्त समय है। किसान नर्सरी डाल सकते हैं। बारिश से खेतों में पड़ी धान की नर्सरी एवं हरे चारे बोई गई ढैंचा की फसल के लिए भी लाभकारी होगी। साथ ही किसान गर्मी की जुताई भी करा सकते हैं। गर्मी की जुताई से कीट मर जाते हैं। किसान सब्जी के खेतों में जमा न रहने दें।
विज्ञापन
बुधवार की रात से झमाझम बारिश शुरू हो गई। रात भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बृहस्पतिवार को सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश दोपहर तक होने से जनजीवन प्रभावित रहा। तेज बारिश होने से नगर के मुख्य मार्गों, सहादतपुरा स्थित सोनीधापा बालिका इंटर कालेज कैंपस, शिक्षा विभाग कालोनी कैंपस में जलभराव हो गया। इसी क्रम में नगर के भीटी, निजामुद्दीनपुरा, मुुंशीपुरा, महरनिया सहित विभिन्न मुहल्लों में जलभराव से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। नगर के बख्तावरगंज फीडर में आई तकनीकी खामी के चलते शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही। सुबह से बारिश के दौरान किसान धान की नर्सरी डालने के लिए खेत पहुुंच गए। किसानों को गर्मी की जुताई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी भी मिल गई। इससे किसानों के चेहरे पर चमक देखी जा रही थी। वहीं सब्जी के खेतों में पानी भरने से किसान चिंतित दिखे। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना था कि बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है। संडा विधि से धान की नर्सरी डालने का उपयुक्त समय है। किसान नर्सरी डाल सकते हैं। बारिश से खेतों में पड़ी धान की नर्सरी एवं हरे चारे बोई गई ढैंचा की फसल के लिए भी लाभकारी होगी। साथ ही किसान गर्मी की जुताई भी करा सकते हैं। गर्मी की जुताई से कीट मर जाते हैं। किसान सब्जी के खेतों में जमा न रहने दें।
विज्ञापन