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लेखपालों ने हमले के विरोध में दिया धरना
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:15 AM IST
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लेखपालों पर हमले के विरोध में मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में धरने को संबोधित करते तहसील अध्यक्ष शैलेन्द्र लाल।
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मुहम्म्दाबाद गोहना तहसील के लेखपालों के ऊपर हुए हमले व लेखपालों के वेतन विसंगतियों को दूर न किये जाने आदि से संबंधित मांगों को लेकर लेखपाल संघ मुहम्मदाबाद गोहना ने तहसील परिसर में धरना देकर विरोध जताया। हमलावरों पर कार्यवाही होने व कुछ लेखपालों के वेतन में हुई विसंगतियों को देर किये जाने तक धरना देने का ऐलान किया है।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में तैनात लेखपाल रामलगन लाल, राजेश आदि द्वारा याकुबपुर गांव में की जा रही पैमाइश के दौरान गांव के कुछ लोगों ने बदसलूकी की और असलहा सटाकर जान से मारने की धमकी दिया। इस घटना को लेकर लेखपाल संघ ने तीखा विरोध जताया। एसडीएम के हस्तक्षेप पर रानीपुर व मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना के महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होता देखकर लेखपाल संघ ने कार्य रोको प्रस्ताव पारित करते हुए धरना पर बैठने का निर्णय लिया है।
बुधवार को तहसील पर बैठे लेखपालों ने घटना की निंदा करते हुए हमलावरों को गिरप्तार करने की मांग किया। तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र लाल ने कहा कि लेखपालों को पैमाइश, सीमा विवाद, आदि का कार्य करना पड़ता है। इस दौरान गांवो में मनबढ़ किस्म के लोग हम लोगों ऱ्के साथ अमर्यादित आचरण करने के अलावा जान से मारने की धमकी देते हैं। कहा कि कई बार तहसील के लेखपालों पर हमला की घटना हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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महामंत्री रामभुवन यादव ने कहा कि लेखपालों का धरना अनवरत चलता रहेगा। कहा कि लेखपाल रामलगन, राजेश आदि के ऊपर हमला होने के महीनों बाद भी अभी तक आरोपियों के ऊपर कोई कार्रवाई न होने से तहसील के सभी लेखपाल अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं कहा कि तहसील के दर्जनों लेखपालों के वेतन निर्धारण में जान बूझकर कमी की गयी है।
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मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में तैनात लेखपाल रामलगन लाल, राजेश आदि द्वारा याकुबपुर गांव में की जा रही पैमाइश के दौरान गांव के कुछ लोगों ने बदसलूकी की और असलहा सटाकर जान से मारने की धमकी दिया। इस घटना को लेकर लेखपाल संघ ने तीखा विरोध जताया। एसडीएम के हस्तक्षेप पर रानीपुर व मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना के महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होता देखकर लेखपाल संघ ने कार्य रोको प्रस्ताव पारित करते हुए धरना पर बैठने का निर्णय लिया है।
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बुधवार को तहसील पर बैठे लेखपालों ने घटना की निंदा करते हुए हमलावरों को गिरप्तार करने की मांग किया। तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र लाल ने कहा कि लेखपालों को पैमाइश, सीमा विवाद, आदि का कार्य करना पड़ता है। इस दौरान गांवो में मनबढ़ किस्म के लोग हम लोगों ऱ्के साथ अमर्यादित आचरण करने के अलावा जान से मारने की धमकी देते हैं। कहा कि कई बार तहसील के लेखपालों पर हमला की घटना हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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महामंत्री रामभुवन यादव ने कहा कि लेखपालों का धरना अनवरत चलता रहेगा। कहा कि लेखपाल रामलगन, राजेश आदि के ऊपर हमला होने के महीनों बाद भी अभी तक आरोपियों के ऊपर कोई कार्रवाई न होने से तहसील के सभी लेखपाल अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं कहा कि तहसील के दर्जनों लेखपालों के वेतन निर्धारण में जान बूझकर कमी की गयी है।