{"_id":"6176efef2bab7916a266d231","slug":"legal-awareness-camp-held-in-jail-information-given-to-prisoners-mau-news-vns6192477171","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल मे लगा विधिक जागरूकता शिविर, बंदियों को दी गई जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल मे लगा विधिक जागरूकता शिविर, बंदियों को दी गई जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण निर्देश एवं प्रभारी जिला जज बुद्धिसागर मिश्र के मार्गदर्शन में सोमवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जिला कारागार में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य असहाय एवं जेल में निरुद्ध पुरुष और महिलाओं को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही जुर्म स्वीकृति की दशा में कम सजा मिले इस बाबत जानकारी दी।
कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को जब पुलिस मजिस्ट्रेट के पास लाती है, तो रिमांड के स्तर पर विधिक सहायता प्रदान करनेे के लिए नि:शुल्क पैरवी के लिए रिमांड अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। सचिव ने जेल लीगल एड क्लीनिक, पीएलवी और जेल विधिक सेवा संस्थान के कार्यों के बारे में जानकारी ली। कारागार अधीक्षक ने उप जेलर को निर्देशित किया गया कि उनके द्वारा ऐसे बंदियों को चिह्नित किया जाए, जिनको उनके मुकदमे में हो रही पैरवी के संबंध में कोई जानकारी नही है तथा उनके निरुद्ध के संबंध में उनके परिजन को जानकारी नही हैं।
निरुद्ध बंदियों के परिजन को जानकारी उपलब्ध कराए जाने के लिए संबंधित थाने का पता कर परिजन को सूचित करें। जिससे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का अनुपालन हो सके। सचिव ने अधीक्षक को निर्देशित किया कि ऐसे बंदी जो शिक्षारत है, आगे पढ़ना चाहते है, किसी हस्तकला व अन्य व्यावसायिक शिक्षा में रुचि रखते है, उनसे प्रार्थना पत्र लेकर कार्यालय विधिक सेवा प्राधिकरण में उपलब्ध कराए, जिससे उनके आर्थिक और क्षमता के विकास में सहयोग किया जा सके। शिविर में प्रभारी अधीक्षक नागेश सिंह, कर्मचारीगण व बंदीगण उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को जब पुलिस मजिस्ट्रेट के पास लाती है, तो रिमांड के स्तर पर विधिक सहायता प्रदान करनेे के लिए नि:शुल्क पैरवी के लिए रिमांड अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। सचिव ने जेल लीगल एड क्लीनिक, पीएलवी और जेल विधिक सेवा संस्थान के कार्यों के बारे में जानकारी ली। कारागार अधीक्षक ने उप जेलर को निर्देशित किया गया कि उनके द्वारा ऐसे बंदियों को चिह्नित किया जाए, जिनको उनके मुकदमे में हो रही पैरवी के संबंध में कोई जानकारी नही है तथा उनके निरुद्ध के संबंध में उनके परिजन को जानकारी नही हैं।
विज्ञापन
निरुद्ध बंदियों के परिजन को जानकारी उपलब्ध कराए जाने के लिए संबंधित थाने का पता कर परिजन को सूचित करें। जिससे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का अनुपालन हो सके। सचिव ने अधीक्षक को निर्देशित किया कि ऐसे बंदी जो शिक्षारत है, आगे पढ़ना चाहते है, किसी हस्तकला व अन्य व्यावसायिक शिक्षा में रुचि रखते है, उनसे प्रार्थना पत्र लेकर कार्यालय विधिक सेवा प्राधिकरण में उपलब्ध कराए, जिससे उनके आर्थिक और क्षमता के विकास में सहयोग किया जा सके। शिविर में प्रभारी अधीक्षक नागेश सिंह, कर्मचारीगण व बंदीगण उपस्थित रहे।
विज्ञापन