रतनपुरा। कोटेदार एक साल से राज्य सरकार से अपना कमीशन बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2020 में कार्ड धारकों को निशुल्क रूप वितरित किए गए राशन के मूल्य का दो माह की धनराशि बकाया है। इसे अभी तक भुगतान नहीं किया गया। यह रकम विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर वापस हो गई। कोटेदारों का कहना है कि कोरोना संकट काल में उन्हें राज्य कर्मचारियों की भांति 50 लाख का बीमा कवर अभी तक सुनिश्चित नहीं किया गया। विभागीय स्तर पर 98 प्रतिशत राशन का वितरण आधार प्रमाणीकरण के आधार पर किया जा रहा है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा इस संदर्भ में शासन को पत्र भी लिखा जा चुका है।
परंतु जमीनी स्तर पर यह कार्य फलीभूत होती दिखाई नहीं पड़ रहा है। कोटेदारों का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2020 में अंत्योदय एवं मनरेगा कार्ड धारकों को मई और जून महीने में वितरित राशन की धनराशि उचित दर विक्रेताओं को नहीं दी गई। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से इस मद में प्राप्त धनराशि शासन को वापस चली गई। अप्रैल 2020 से मिट्टी तेल का आवंटन भी समाप्त कर दिया गया।मिट्टी तेल पर मिलने वाले कमीशन से भी कोटेदार वंचित हो गए। कोटेदारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य कर्मचारियों की भांति कोटेदारों को भी 50 लाख का बीमा कवर, अंत्योदय एवं मनरेगा कार्ड धारकों को निशुल्क वितरित किए गए दो माह के राशन की धनराशि का बकाया भुगतान किया जाए।