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किचन गार्डेन योजना: 364 के सापेक्ष 10 विद्यालयों को जारी किया बजट
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मऊ। किचन गार्डेन योजना के तहत जिले में 364 परिषदीय विद्यालय चिह्नित किए गए हैं लेकिन इनमें से 10 विद्यालयों को ही धनराशि जारी की गई है। प्रत्येक विद्यालय को पांच-पांच हजार रुपये दिए गए हैं।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। नौनिहालों को मिड-डे मील में ताजी हरी सब्जी उपलब्ध कराने के लिए जिले के 364 परिषदीय विद्यालयों को किचन गार्डन योजना के तहत चिह्नित किया गया था। शासन ने उस समय पांच हजार रुपये प्रति विद्यालय की दर से प्रत्येक स्कूल को अनुदान देने की वित्तीय स्वीकृति दी थी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद भी जिले के सिर्फ 10 विद्यालयों को ही अनुदान मिल सका है। मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित परिषदीय प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किचन गार्डेन की स्थापना के लिए प्रति विद्यालय पांच हजार रुपये की दर से 10 स्कूलों को 50 हजार की धनराशि ही अवमुक्त हो सकी है।
यह बजट सिर्फ पौधे खरीदने व अन्य छिटपुट खर्च के लिए होंगे। कृषि, सहकारिता, मनरेगा, परती भूमि, ग्राम्य विकास विभाग, उद्यान विभाग सहित विभिन्न विभाग के समन्वय से ऐसे स्कूलों में वर्ष भर सब्जियां उगाई जाएंगी। जिला समन्वयक, मध्याह्न भोजन योजना के पीयूष पांडेय ने कहा कि किचन गार्डेन योजना के तहत दस परिषदीय विद्यालयों को उनके खाते में पांच-पांच हजार रुपये भेजे गए हैं। इसके लिए उन्हीं का चयन किया गया है जिमें बाउंड्रीवाल, सिंचाई के लिए जल की व्यवस्था है और छात्र संख्या अधिक है। शासन से बजट मिलते ही अन्य विद्यालयों को अनुदान राशि जारी की जाएगी।
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। नौनिहालों को मिड-डे मील में ताजी हरी सब्जी उपलब्ध कराने के लिए जिले के 364 परिषदीय विद्यालयों को किचन गार्डन योजना के तहत चिह्नित किया गया था। शासन ने उस समय पांच हजार रुपये प्रति विद्यालय की दर से प्रत्येक स्कूल को अनुदान देने की वित्तीय स्वीकृति दी थी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद भी जिले के सिर्फ 10 विद्यालयों को ही अनुदान मिल सका है। मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित परिषदीय प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किचन गार्डेन की स्थापना के लिए प्रति विद्यालय पांच हजार रुपये की दर से 10 स्कूलों को 50 हजार की धनराशि ही अवमुक्त हो सकी है।
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यह बजट सिर्फ पौधे खरीदने व अन्य छिटपुट खर्च के लिए होंगे। कृषि, सहकारिता, मनरेगा, परती भूमि, ग्राम्य विकास विभाग, उद्यान विभाग सहित विभिन्न विभाग के समन्वय से ऐसे स्कूलों में वर्ष भर सब्जियां उगाई जाएंगी। जिला समन्वयक, मध्याह्न भोजन योजना के पीयूष पांडेय ने कहा कि किचन गार्डेन योजना के तहत दस परिषदीय विद्यालयों को उनके खाते में पांच-पांच हजार रुपये भेजे गए हैं। इसके लिए उन्हीं का चयन किया गया है जिमें बाउंड्रीवाल, सिंचाई के लिए जल की व्यवस्था है और छात्र संख्या अधिक है। शासन से बजट मिलते ही अन्य विद्यालयों को अनुदान राशि जारी की जाएगी।
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