प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की लागत से बनी बढुआगोदाम-काझा मार्ग बदहाल पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सड़क जगह-जगह टूट गई है। गत वर्ष मरम्मत कार्य तो कराया गया, लेकिन मानक के अनुरूप मरम्मत कार्य न होने से सड़क का हाल पहले जैसा ही बेकार हो गया। हालत यह है कि सड़क जगह-जगह टूट जाने से वाहन से चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। आए दिन वाहन चालक चुटहिल हो रहे हैं। सब कुछ जानकर आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बढुुुआगोदाम-काझा मार्ग बढुआगोदाम, कोटवा, कहिनौर, उस्मानपुर, सुअराबोझ, पिपरीडीह, रैकवारडीह, बबुआपुर, मिर्जापुर, काझा होते हुए चिरैयाकोट तक गुजरा है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्वांचल एक्सप्रेस वे निर्माण के दौरान गिट्टी, मिट्टी से लदी ओवरलोड ट्रकों के गुजरने के दौरान सड़क जगह-जगह टूट गई। मरम्मत कार्य के नाम पर खानापूर्ति किया गया। हालत यह है कि कुछ ही दिनों बाद सड़क पूर्ववत की स्थिति में हो गई है। पूर्वांचल एक्सप्रेव तो चालू हो गया, लेकिन यूपीडा की तरफ से क्षतिग्रस्त सड़कों की सुधि लेने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। क्षेत्र के श्रीकांत यादव, जितेंद्र सिंह, महेंद्र शर्मा, सूर्यभान मौर्य का कहना है कि क्षेत्र के प्रमुख मार्ग की ये दुर्दशा हो गई है, लेकिन संबंधित विभाग की तरफ से मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सका है। आला अधिकारियों को शिकायती पत्र देने के बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया।