फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Former Chief Ramesh Singh Kaka not reach court and Javed sentenced to four years in jail for fraud in mau

Mau News: कोर्ट नहीं पहुंचा काका, जालसाजी में जावेद को चार साल की सजा; पढ़ें- क्या है पूरा मामला

Wed, 04 Jun 2025 09:48 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Wed, 04 Jun 2025 09:48 AM IST
सार

Varanasi News: जालसाजी के मामले में दोषी पाए जाने के बाद भी पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका कोर्ट नहीं पहुंचा। ऐसे में सजा पर सुनवाई नहीं हो सका। जबकि इसी मामले में दोषी पाए गए जावेद आजमी को चार साल की सजा सुनाई गई। 

विज्ञापन
Former Chief Ramesh Singh Kaka not reach court and Javed sentenced to four years in jail for fraud in mau
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने जालसाजी कर दूसरे की आईडी पर फर्जी फोटो लगाकर मोबाइल फोन का सिम लेने के मामले में दोषी पाए गए जावेद आजमी को मंगलवार को चार वर्ष की सजा और 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
विज्ञापन


दोषी पाए गए परदहां ब्लॉक के पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका कोर्ट नहीं पहुंचा। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट के साथ न्यायालय में दाखिल किया कि वह काफी दिनों से घर पर नहीं रह रहा है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सहादतपुर निवासी सूर्यनाथ यादव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप था कि उसके रिश्तेदार भानु प्रताप निवासी कोटिया, मठिया थाना मुहम्मदाबाद गोहना मुंबई में नौकरी करते हैं। 9 जून 2010 को पता चला है कि भानु प्रताप के शस्त्र लाइसेंस की आईडी पर पर फर्जी फोटो लगाकर आरोपियों ने सिम प्राप्त कर दुरुपयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन


पता चला कि पीसीओ संचालक ने सिम कार्ड एक अजनबी व्यक्ति को बेचा है। विवेचना के बाद पुलिस ने सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कैथवली गांव निवासी परदहां ब्लॉक के पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश सिंह काका और जावेद आजमी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम न्यायालय में पेश किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़े; Cyber Crime: बैंक अधिकारी ने कहा- कटेगा एक रुपये, लगी 22 लाख की चपत; भूलकर भी न करें ये गलती


सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सोमवार को रमेश सिंह काका और जावेद आजमी को दोषी पाया था। मंगलवार को जावेद आजमी को जिला जेल से लाकर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया।

सीजेएम ने उन्हें प्रतिरूपण छल के लिए 1 वर्ष की सजा के साथ ही तीन हजार रुपये अर्थदंड, छल के लिए चार वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड, कूटरचना के लिए तीन वर्ष की सजा के साथ ही चा हजार रुपये अर्थदंड और कूटरचित दस्तावेज को असली के रूप मे प्रयोग करने के मामले में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed