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मध्यस्थता के माध्यम से न्याय दिलाएं
mau news
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:57 PM IST
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गोष्ठी को संबोधित करते एडीजे डा.अजय कुमार।
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मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में सोमवार को दीवानी कचहरी के सभा कक्ष में जिला जज राजेंद्र कुमार ने निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने अंतर्राष्ट्रीय न्याय व्यवस्था के बावत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि अपना कार्य पूरा निष्ठा और ईमानदारी से करें । इसमें मध्यस्थता के माध्यम से न्याय दिलाए जाने पर जोर दिया गया।
अपर जिला जज डा. अजय कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मीडिएशन के माध्यम से लोगों को न्याय दिलाए जाने की बात कही जा रही है। मीडिएशन के माध्यम से न्याय दिलाए जाने से न्यायालयों में बढ़ते मुकदमों में कमी लाई जा सकती है। आगे कहा कि हम जिस जगह हैं अपना कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें । तभी अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस मनाए जाने की परिकल्पना पूर्ण होगी। एडीजे वीरनायक सिंह ने कहा कि हर साल दुनिया भर के लोग आज के दिन अंतर्राष्ट्रीय अपराधिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए घटनाओं की मेजबानी करने के लिए उपयोग करते हैं। खासकर अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के लिए समर्थन करते हैं। यह दिन अंतरराष्ट्रीय समाचार ध्यान आकर्षित करने के लिए काफी सफल रहा है। और समूहों के लिए दफ़ुर, फालुन दाफा में नरसंहार, और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के गंभीर अपराध जैसे विशेष मुद्दों पर ध्यान देने के लिए समूहों का उपयोग किया गया है। आगे कहा कि इंटरनेशनल जस्टिस के लिए विश्व दिवस, जिसे अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस का दिन कहा जाता है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्याय की उभरती हुई प्रणाली को पहचानने के प्रयास के रूप में 17 जुलाई को पूरे विश्व में मनाया जाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने लोगों को अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के बारे में जानकारी दी। पूर्वमहामंत्री सूर्यनाथ यादव ने कहा कि लोगों को निर्णय नहीं न्याय चाहिए। अधिवक्ता हुमा रिजवी ने महिलाओं को शशक्त बनाए जाने और उनकों विधिक रुप से जागरुक करने की जरुरत पर बल देते हुए दुराचार पीड़ित महिलाओं के चित्र अथवा उसके प्रतिकात्मक चित्र के प्रसारण पर रोक लगाए जाने की सलाह दी। इस मौके पर एडीजे नीरज निगम, एडीजे लालचंद गुप्ता, एडीजे मुहम्मद गजाली, सिविल जज हेमंत कुशवाहा, मुंसिफ सदर कृष्ण कुमार, अपर मुंसिफ नदीम अहमद, पंकज भारती, विनोद कुमार सिंह, शमीम अहमद, ब्रम्हानंद सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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अपर जिला जज डा. अजय कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मीडिएशन के माध्यम से लोगों को न्याय दिलाए जाने की बात कही जा रही है। मीडिएशन के माध्यम से न्याय दिलाए जाने से न्यायालयों में बढ़ते मुकदमों में कमी लाई जा सकती है। आगे कहा कि हम जिस जगह हैं अपना कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें । तभी अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस मनाए जाने की परिकल्पना पूर्ण होगी। एडीजे वीरनायक सिंह ने कहा कि हर साल दुनिया भर के लोग आज के दिन अंतर्राष्ट्रीय अपराधिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए घटनाओं की मेजबानी करने के लिए उपयोग करते हैं। खासकर अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के लिए समर्थन करते हैं। यह दिन अंतरराष्ट्रीय समाचार ध्यान आकर्षित करने के लिए काफी सफल रहा है। और समूहों के लिए दफ़ुर, फालुन दाफा में नरसंहार, और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के गंभीर अपराध जैसे विशेष मुद्दों पर ध्यान देने के लिए समूहों का उपयोग किया गया है। आगे कहा कि इंटरनेशनल जस्टिस के लिए विश्व दिवस, जिसे अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस का दिन कहा जाता है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्याय की उभरती हुई प्रणाली को पहचानने के प्रयास के रूप में 17 जुलाई को पूरे विश्व में मनाया जाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने लोगों को अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के बारे में जानकारी दी। पूर्वमहामंत्री सूर्यनाथ यादव ने कहा कि लोगों को निर्णय नहीं न्याय चाहिए। अधिवक्ता हुमा रिजवी ने महिलाओं को शशक्त बनाए जाने और उनकों विधिक रुप से जागरुक करने की जरुरत पर बल देते हुए दुराचार पीड़ित महिलाओं के चित्र अथवा उसके प्रतिकात्मक चित्र के प्रसारण पर रोक लगाए जाने की सलाह दी। इस मौके पर एडीजे नीरज निगम, एडीजे लालचंद गुप्ता, एडीजे मुहम्मद गजाली, सिविल जज हेमंत कुशवाहा, मुंसिफ सदर कृष्ण कुमार, अपर मुंसिफ नदीम अहमद, पंकज भारती, विनोद कुमार सिंह, शमीम अहमद, ब्रम्हानंद सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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