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उच्च न्यायालय के आदेश के 11 महीने बाद भी नहीं हुई जांच
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वलीदपुर (मऊ)। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर गांव में हुए विकास कार्यों में गडबड़ी को लेकर गांव के पूर्व प्रधान ने अधिकारियों द्वारा हीलाहवाली करने पर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया था। उच्च न्यायालय ने प्रकरण की तीन महीने के अंदर करके की गई कार्रवाई से अवगत कराने का आदेश पारित किया। लेकिन 11 महीने बाद भी संबंधित अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के आदेश अनुपालन नहीं किया। ग्राम सभा मोहिउद्दीन पुर गांव में ग्राम प्रधान तथा सचिव के विकास कार्यों को लेकर ग्राम सभा के पूर्व प्रधान रामचंद्र गुप्ता ने बीते वर्ष 6 जून 2020 को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग किया था।
जिला अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी जांच करने के लिए ब्लॉक से अभिलेखों की मांग करते रह गए, लेकिन खंड विकास अधिकारी ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया। जिससे जांच नहीं हो पाई। इससे निराश होकर पूर्व प्रधान ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया।
उच्च न्यायालय द्वारा आदेश जारी किया गया कि तीन महीने के अंदर जांच कर की गई कार्रवाई से अवगत कराएं। तीन महीने बीत जाने के बाद भी प्रकरण की जांच नहीं की गई जिससे उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की गई। इसे लेकर पुन: पूर्व प्रधान ने बुधवार को जिला अधिकारी को पत्र भेजकर गांव में कराए गए ग्राम प्रधान व सचिव के विकास कार्यों की जांच करने की मांग की है।इस संबंध में वर्तमान खंड विकास अधिकारी जयेश कुमार सिंह का कहना है कि प्रकरण उनके कार्यकाल का नहीं है।
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जिला अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी जांच करने के लिए ब्लॉक से अभिलेखों की मांग करते रह गए, लेकिन खंड विकास अधिकारी ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया। जिससे जांच नहीं हो पाई। इससे निराश होकर पूर्व प्रधान ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया।
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उच्च न्यायालय द्वारा आदेश जारी किया गया कि तीन महीने के अंदर जांच कर की गई कार्रवाई से अवगत कराएं। तीन महीने बीत जाने के बाद भी प्रकरण की जांच नहीं की गई जिससे उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की गई। इसे लेकर पुन: पूर्व प्रधान ने बुधवार को जिला अधिकारी को पत्र भेजकर गांव में कराए गए ग्राम प्रधान व सचिव के विकास कार्यों की जांच करने की मांग की है।इस संबंध में वर्तमान खंड विकास अधिकारी जयेश कुमार सिंह का कहना है कि प्रकरण उनके कार्यकाल का नहीं है।
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