मऊः व्हाइट फंगस का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ अलर्ट हुई खुफिया एजेंसी
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में कोरोना संक्रमण से उबरे बुजुर्ग में व्हाइट फंगस मिला है। अमर उजाला में छपी खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। फिलहाल व्हाइट फंगस वाले मरीज का वाराणसी में इलाज चल रहा है।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का ग्राफ कम होने से राहत मिलती, इस बीच मऊ जिले में व्हाइट फंगस से संक्रमित मरीज मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के साथ खुफिया एजेंसी अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य विभाग जहां इस संक्रमण से बचाव की तैयारियां कर रहा तो वहीं आईबी के लोग मरीज के बारे में पूरी जानकारी जुटाने में जुटे हैं।
मऊ के सहादतपुरा निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग के एक आंख में व्हाइट फंगस का संक्रमण मिलने पर परिवार के लोग उसे उपचार के लिए वाराणसी ले गए हैं। मऊ के इस मामले को उत्तर प्रदेश का पहला मामला बताया जा रहा है। वाराणसी में ब्लैक फंगस के भी 30 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
कोरोना संक्रमण में कुछ कमी आने के बाद मऊ जिला प्रशासन अभी कुछ राहत महसूस किया, तभी ब्लैक फंगस का मरीज जिले में मिला। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि की, लेकिन जब व्हाइट फंगस का मरीज मिला तो जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग इससे अनभिज्ञ रहा। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर शनिवार को जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग अलर्ट दिखा।
इस बीच आईबी के लोग फोन कर मरीज के नाम आदि की जानकारी करना शुरू किया। इस दौरान आईबी ने मरीज का उपचार करने वाले डॉक्टर तक से बात कर मरीज और उसकी बीमारी की जानकारी किया। स्वास्थ्य विभाग इस संक्रमण को रोकने और मिलने पर मरीजो का उपचार करने सहित अन्य तैयारी शुरू किया।
तैयारी के क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा, साथ ही बीमारी से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ईएनटी सर्जन, नेत्र सर्जन, एनस्थीसिया चिकित्सकों के बारे में जानकारी ली गई। ताकि यहां के चिकित्सक ब्लैक तथा व्हाइट फंगस के मरीजों की पहचान कर सकें। वहीं इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. एसपी अग्रवाल का कहना है कि ब्लैक औऱ व्हाइट फंगस से निपटने के लिए जो गाइडलाइन आई हैं, उसके अनुसार ही संक्रमण को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।