फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Instead of jumping from the tank, the family was reported to the road accident

टंकी से कूदने के बजाए सड़क हादसे की सूचना दी गई परिजनों को

Sun, 09 May 2021 10:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 10:43 PM IST
विज्ञापन
Instead of jumping from the tank, the family was reported to the road accident
मऊ। सरायलंखसी थाना क्षेत्र के निजी अस्पताल परिसर में बनी पानी की 80 फीद कीर टंकी से कूदकर जान देना युवक सात भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था। घटना के बाद बलिया जिले निवासी उसके पिता तथा उसके परिजनों को इस घटना से सदमा न लगे। इसलिए जानकारी होने के बाद भी लोगों ने उसके पिता को युवक के सड़क हादसे में घायल होने की बात कही। घटना के बाद पिता और उसका भाई रोते बिलखते हुए मऊ को रवाना हो गए। जहां बाद में उन्हें घटना की जानकारी मिली।
विज्ञापन

बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के बैजलपुर निवासी जगदीश कुमार के चार बेटे तथा तीन बेटियों में सुशील कुमार (26) दूसरें नंबर पर था। परिजनों की माने तो रविवार को सुशील को किसी का फोन आया। जिसके बाद मऊ किसी काम से जाने की बात कहकर निकल गया। शाम करीब चार बजे के बाद सुशील के निजी अस्पताल स्थित पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या करने की जानकारी कुछ मिल गई। दरअसल युवक के आत्महत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से यह सूचना घटना के कुछ देर बाद ही गांव के कुछ लोगों को पता चल गई थी। जहां लोगों ने उसके पिता को घटना की जानकारी से उसे सदमा न लगे इसलिए सड़क हादसे की बात कहकर उसे मऊ जाने को कहा। म़ृत युवक बेरोजगार था। सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही युवक के परिजन मऊ पहुंचे और जहां पुलिस द्वारा घटना की जानकारी दी गई।
विज्ञापन

सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा वीडियो
मऊ। युवक के पांनी की टंकी से कूदकर आत्महत्या करने का वीडियो कई लोगों ने घटना के समय बना लिया था। घटना के बाद उसे वाट्सएप, फेसबुक आदि सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इससे कुछ देर में यह वीडियो मऊ जिले में हीं नहीं बलिया जिले से जुडे़ होने के चलते वायरल हो गई। यह वीडियो मृतक के गांव के साथ रसड़ा तहसील में चर्चा रहा। इस घटना को लेकर लोग तरह तरह के जवाब देते दिखे। जहां कुछ लोगों ने फायर बिग्रेंड द्वारा जाल लगा देने पर जान बचने की बात कहते दिखे। तो कहीं लोगों ने इस घटना में निजी अस्पताल के सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्न चिह्न उठाया। कैसे एक बाहरी युवक उस अस्पताल परिसर में घुस आया, जिसे प्रशासन द्वारा कोविड अस्पताल के रूप में अपने कब्जे में लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed