{"_id":"617ae47259b0c673aa5e2e8b","slug":"information-about-rights-given-to-people-in-legal-awareness-camp-mau-news-vns619817042","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधिक जागरूकता शिविर में लोगों को दी गई अधिकारों की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधिक जागरूकता शिविर में लोगों को दी गई अधिकारों की जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूरजपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन और प्रभारी जनपद न्यायाधीश बुद्धिसागर मिश्र के मार्गदर्शन में बुधवार की शाम आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत मां विंध्यवासिनी महाविद्यालय बंधनपुर सूरजपुर में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन हुआ। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवकुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने लोगों को उनके अधिकार व कर्तव्य के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि बिना कारण बताए पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती, किसी महिला व बच्चों को थाने पर पुलिस नहीं बुला सकती है। गिरफ्तार व्यक्ति को चौबीस घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उन्होंने ने बताया कि महिलाओं, 18 वर्ष के बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग, आपदा, जाति हिंसा, बाढ़, भूकंप पीड़ित व्यक्ति, मानसिक रुप से कारागार में निहित अक्षम या दिव्यांग तथा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख से कम है, वह नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता हैं। ग्रामीण न्यायालय मधुबन के सिविल जज जूनियर डिवीजन सिद्धांत शेखर सिंह ने कहा कि दो साल से कम सजा वाले सभी मुकदमों की सुनवाई के लिए जनपद मुख्यालय नहीं जाना होगा। ऐसे सभी मामले ग्रामीण न्यायालय में सुना जाएगा। उप जिलाधिकारी मधुबन रामभवन तिवारी ने बताया कि जनता के समस्याओं के निपटारा के लिए तहसील दिवस व थाना दिवस का आयोजन किया जाता है। तहसीलदार मधुबन सुबाषचंद्र ने बताया कि तहसील में सबसे अधिक मामले जमीन के क्रय विक्रय खारिज दाखिल व मृत्यु के बाद वरासत के मामले आते है।
इस अवसर पर ऋषिकेश यादव, थानाध्यक्ष विमल प्रकाश राय, स्मृता सिंह, संजय यादव, रमेश पांडेय, नीलम राजभर, गोल्डी पांडेय, अशोक कुमार यादव, रजनीश राय, ग्राम प्रधान रामभवन अन्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बिना कारण बताए पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती, किसी महिला व बच्चों को थाने पर पुलिस नहीं बुला सकती है। गिरफ्तार व्यक्ति को चौबीस घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उन्होंने ने बताया कि महिलाओं, 18 वर्ष के बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग, आपदा, जाति हिंसा, बाढ़, भूकंप पीड़ित व्यक्ति, मानसिक रुप से कारागार में निहित अक्षम या दिव्यांग तथा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख से कम है, वह नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता हैं। ग्रामीण न्यायालय मधुबन के सिविल जज जूनियर डिवीजन सिद्धांत शेखर सिंह ने कहा कि दो साल से कम सजा वाले सभी मुकदमों की सुनवाई के लिए जनपद मुख्यालय नहीं जाना होगा। ऐसे सभी मामले ग्रामीण न्यायालय में सुना जाएगा। उप जिलाधिकारी मधुबन रामभवन तिवारी ने बताया कि जनता के समस्याओं के निपटारा के लिए तहसील दिवस व थाना दिवस का आयोजन किया जाता है। तहसीलदार मधुबन सुबाषचंद्र ने बताया कि तहसील में सबसे अधिक मामले जमीन के क्रय विक्रय खारिज दाखिल व मृत्यु के बाद वरासत के मामले आते है।
विज्ञापन
इस अवसर पर ऋषिकेश यादव, थानाध्यक्ष विमल प्रकाश राय, स्मृता सिंह, संजय यादव, रमेश पांडेय, नीलम राजभर, गोल्डी पांडेय, अशोक कुमार यादव, रजनीश राय, ग्राम प्रधान रामभवन अन्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन