फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Increased demand for oxygen discharging plants

ऑक्सीजन डिस्चार्ज करने वाले पौधों की बढ़ी डिमांड

Wed, 19 May 2021 10:49 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 10:49 PM IST
विज्ञापन
Increased demand for oxygen discharging plants
मऊ। जिले में कोरोना के मरीजों की ऑक्सीजन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए लोगों की जागरूकता बढ़ी है और लोग ज्यादा ऑक्सीजन डिस्चार्ज करने वाले पौधे लगा रहे हैं। लगभग 60 प्रतिशत ऑक्सीजन उगलने वाले पौधों की मांग बढ़ी है। इनडोर प्लांट में रंग-बिरंगे फूल वाले पौधे ही लोगों की पसंद हुआ करते थे। लेकिन अब जरूरत के मुताबिक पौधे भी बदलने लगे हैं।
विज्ञापन

जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अस्पताल जाने वाले कोविड मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में कोरोना की बढ़ती दुश्वारियों के प्रति लोग ज्यादा सजग होते नजर आ रहे हैं। कारोबारियों से पौधों को लगाने तथा उसे गमले में बचाए रखने के उपाय पूछे जा रहे हैं। पौधे के लिए कितनी देर की धूप, पानी और किस तरह की खाद चाहिए। पौधा पौष्टिक होगा तभी तो आक्सीजन उगलेगा। कारोबारियों के अनुसार कोरोना काल में आक्सीजन उगलने वाले पौधों की लगभग 60 प्रतिशत मांग बढ़ गई है।
विज्ञापन

ऑक्सीजन उगलने वाले पौधों के रुप में पीपल, नीम, बरगद, पाकड़, गुलर आदि हैं। इसके अलावा घरों, बेडरूम में मनी प्लांट, एरिका प्लांट, ड्रेसिना, प्रेयर, स्पाइडर, पीस लिली, सिफोटिया पाम सहित तमाम पौधे 50 रुपये से 150 रुपये तक बिक रहे हैं। इसके अलावा तुलसी भी ऑक्सीजन उगलती है, लेकिन वह इनडोर प्लांट में नहीं आती है। ऑक्सीजन उगलने वाले पौधों में बरगद, पीपल, नीम आदि के पौधे हैं। लेकिन इन्हें घरों में नहीं लगाया जा सकता है। इसलिए इनके छोटे आकार के पौधों की मांग बढ़ने लगी है।इस संबंध में श्री दुर्गा जी पौधशाला के संचालक सूर्यप्रताप दुुबे का कहना था कि कोरोना काल में आक्सीजन किल्लत के मद्देनजर ऑक्सीजन उगलने वाले पौधों की 60 प्रतिशत मांग बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या कहते हैं विशेेषज्ञ
वन विभाग के वनदेवी रेंज के रेंज अधिकारी राजेश्वर सिंह का कहना है कि नीम, पीपल एवं बरगद, पाकड़, गुलर विशेष जोर देने की आवश्यकता है क्योंकि ज्यादा आक्सीजन छोड़ते हैं। पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। मनी प्लांट, एरिका प्लांट, ड्रेसिना, प्रेयर, स्पाइडर, पीस लिली, सिफोटिया पाम सहित तमाम पौधे हैं।

पौधरोपण के टिप्स
पौधे मानसून सीजन से डेढ़ महीना पहले ही तीन फीट गहरा, तीन फुट चौड़ा गड्ढ़ा बनाना चाहिए। इसमें मिट्टी में गोबर की खाद के साथ दीमकनाशक दवा मिलाकर भर देनी चाहिए। फिर इसमें पानी भर दें। इससे मिट्टी जम जाएगी। इसमें डेढ़ महीने बाद पौधा लगाए। इससे गोबर की खाद सड़ कर पौषक तत्वों में तब्दील हो जाएगी। फिर पौधा लगाएं। पौधरोपण के बाद देखभाल तथा समय-समय पर पानी, खाद देते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed