फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Imam Hussain sacrificed his life to protect Islam and humanity: Maulana Shamshir

इमाम हुसैन ने इस्लाम और इंसानियत की रक्षा के लिए कुर्बानी दी : माैलाना शमशीर

Mon, 07 Jul 2025 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
Imam Hussain sacrificed his life to protect Islam and humanity: Maulana Shamshir
जिले के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम की 10वीं तारीख पर रविवार को ताजिएदारों ने पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजिया का जुलूस निकाला। अंजुमनों की ओर से नौहाख्वानी के बीच सीनाजनी और जंजीराें का मातम किया गया। इस दाैरान न रो जैनब, न रो मेरे जिगर के टुकड़े, न रो ... ’ मातमी धून गूंजती रही। नगर क्षेत्र के कुल सात स्थानों से जुलूस निकला। कोपागंज कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम की 10वीं तारीख को ताजिएदारों ने पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजिया का जुलूस निकाला।
विज्ञापन

इस दौरान पूरा इलाका या अली या हुसैन की सदाएं गूंज उठीं। कोपागंज चौक पर मौलाना शमशीर अली मुख्तारी साहब ने तक़रीर मेंहा कि पूरी दुनिया को कर्बला का गहन अध्ययन करना चाहिए।
विज्ञापन

इमाम हुसैन उस महापुरुष का नाम है जिसने इंसानियत के लिए ज़ालिम यज़ीद के आगे सिर कटा दिया, मगर झुकाया नहीं। इमाम हुसैन ने इस्लाम और मानवता की रक्षा के लिए कर्बला में अपने साथ 72 साथियों की कुर्बानी दी। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। नगर क्षेत्र के खासतौर से रौजा बाजार, क्यारी टोला, घास बाजार, गोला बाजार और शाही कटरा से जुलूस निकला। देर शाम के बाद से ही ताजिएदारों का कारवां नगर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ चला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विभिन्न अखाड़ाें के युवा जुलूस में सीनाजनी करते चल रहे थे। नगर के संस्कृत पाठशाला पर विशेष चौकसी रही। नगर में कदीमी रास्तों से होता हुआ ताजिया जुलूस देर रात कर्बला पहुंचेगा।
घोसी नगर के बड़ागांव की 10वीं मुहर्रम का जुलूस राष्ट्रीय राज मार्ग स्थित शिया इमाम बारगाह एनएच 29 पर आकर समाप्त हुआ। यहां पर अंजुमनों ने नौहाख्वानी और जंज़ीर का मातम किया।
नम आंखों से इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को किया। कर्बला पहुंचने के बाद ताज़िया को दफन करने और शामे ग़रीबा के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।
अंजुमन मसुमिया क़दीम, अंजुमन इमामिया, अंजुमन दस्तये मसुमिया का जुलूस परंपरागत रास्ते से होते हुए शाम को नीमतले होते हुए सदर इमाम बारगाह पहुंच कर समाप्त हुआ।
शिया समुदाय के लोग नंगे पाव चल रहे थे। अंजुमन फ़ातेमा के चैन इब्ने मुर्तुजा अये गरीबे कर्बला अल्वेदा दस्त में तुझको कफ़न भी ना मिला, धूप में जलता रहा लाश तेरा हुसैन मौला हुसैन मौला नौहा पढ़ने के दौरान लोगों की आंखें नम हो जा रही थी।
इस दौरान सैय्यद इमरान अली, मुअज्जम ज़ाफ़री, सलमान हैदर, सैय्यद असगर इमाम आदि शामिल रहे। करहां: क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में 10वीं मुहर्रम का जुलूस गम के बीच पूरे रीति रिवाज के साथ रविवार की शाम को निकाला गया।
अमिला कस्बे में परंपरागत तरीके से छह ताजिया जुलूस निकाले गए। कस्बे के मध्य चौक से अमिला पठान टोला, टेढ़ी गली, हेमई, चिरैयाडाड़, बंजारी और गोफा के ताजियादारों ने अपने-अपने ताजियों के साथ जुलूस निकाला। कड़ी सुरक्षाो बीच देर शाम ताजियों को परंपरागत तरीके से कर्बला में दफन कर दिया गया।
मधुबन तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अंजुमनों ने मुहर्रम की 10वीं तारीख को जुलूस निकाला। जुलूस गांव के विभिन्न चट्टी चौराहों का भ्रमण करता हुआ गांव स्थित क़र्बला पहुंचा।

इस दौरान क़र्बला की जंग में शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में मरशिया, नौहा, मातम जैसे कई आयोजन हुए और पूरा वातावरण या अली, या हुसैन से गूंज उठा। इमाम हुसैन की याद में जंजीरी मातम भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed