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तीन महीने से जिले में रह रहे हैं तो बन सकते हैं वोटर : डीएम
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मऊ। घोसी लोकसभा चुनाव के तहत मऊ में सातवें चरण में मतदान है। जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा है कि अगर आप तीन महीने से भी जिले में रह रहे हैं तो वह मतदाता बन सकते हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए छह मई तक का समय है। प्रवीण मिश्र ने हर मतदाता से अपील की है कि लोकतंत्र के महापर्व का हिस्सा बनें और मतदान जरूर करें। मतदान से लेकर वोटर बनने तक के कई अहम सवालों के जवाब जिला निर्वाचन अधिकारी ने अमर उजाला से बातचीत में दी है।
-मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 18 वर्ष के होने पर ही आवेदन कर सकते हैं या पहले भी।
जवाबः अब इसे एक साल में चार हिस्सों में बांट दिया गया है। एक अप्रैल 2024 को यदि 18 वर्ष के हो गए हैं तो सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। छह मई तक नाम जोड़े जाएंगे।
-पंजीकरण के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़ा है या नहीं यह कैसे पता चलेगा ?
जवाबः मतदाता के हर सवाल का जवाब के लिए हेल्पलाइन नंबर है। यह चुनाव से जुड़ी सभी जानकारी दी जाती है। मैंने खुद एप डाउनलोड कर रखा है। इसकी मदद से सूची में अपना नाम, मतदान केंद्र, मतदान तिथि, समय की जानकारी, यहां तक की वोटर बनने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है। टोल फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर सकते हैं।
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-पहचान पत्र में कोई गलती है, तो कैसे सुधारा जा सकता है ?
जवाबः इसके लिए मतदाता को फार्म- 8 भरना होगा। हालांकि अब संशोधन नहीं हो सकता। 16 मार्च को अंतिम प्रकाशन तक संशोधन किए गए थे। अब चुनाव के बाद ही संशोधन हो सकेगा।
-मैं रहने वाला किसी और शहर का हूं। मऊ जिले में नौकरी कर रहा हूं। क्या यहां का मतदाता बन सकता हूं ?
जवाबः बिल्कुल बन सकते हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि चाहें आप निजी क्षेत्र में काम कर रहे हैं या फिर सरकारी नौकरी में हैं। यदि तीन महीने से मऊ जिले में हैं और आगे कुछ महीने रुकने वाले है तो यहां के मतदाता बन जाइए।
-मेरी उम्र 85 वर्ष से अधिक है या मैं 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग हूं, क्या मुझे घर से वोट डालने की अनुमति मिलेगी ?
जवाबः हां बिल्कुल। 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता या फिर 40 फीसदी तक दिव्यांग मतदान केंद्र तक जाने में अक्षम हैं, तो वह घर से मतदान कर सकते हैं। अभी बीएलओ के माध्यम से फार्म भरे जाएंगे और फिर मोबाइल पोलिंग टीम बनाई जाएगी। वह इन लोगों का घर से ही मतदान कराएगी। यह काम मतदान की तिथि से पांच दिन पहले तक हो जाएगा। हालांकि अपील है कि यदि आप केंद्र तक आ सकते हैं तो जरुर आइए और अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बनिए।
- मतदाता पहचान पत्र नहीं तो मतदान कैसे करेंगे?
जवाबः मतदाता सूची में नाम होना चाहिए। पहचान पत्र नहीं है तो वोटर हेल्पलाइन एप से मोबाइल नंबर डालकर उसे डाउनलोड कर लें। इसके अलावा निर्वाचन आयोग ने वैकल्पिक पहचान पत्र की मान्यता दी है। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्रीय, राज्य सरकार या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों के कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र शामिल है। बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटो युक्त पासबुक, पैन कार्ड, श्रम मंत्रालय का स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज से भी वोट डाल सकते हैं।
- मेरे परिवार के सदस्यों के अलग-अलग बूथों पर वोट है। सभी एक ही बूथ पर वोट डालने जाएं इसके लिए क्या करना होगा ?
जवाबः हां, मतदाताओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। बीएलओ के माध्यम से भी कर सकते हैं। वोटर हेल्पलाइन एप पर फार्म-8 भरकर परिवार के हर सदस्य का एक ही बूथ पर मतदान कर सकते हैं। 1950 टोल फ्री नंबर भी समस्या का समाधान कर सकते हैं।
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-मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 18 वर्ष के होने पर ही आवेदन कर सकते हैं या पहले भी।
जवाबः अब इसे एक साल में चार हिस्सों में बांट दिया गया है। एक अप्रैल 2024 को यदि 18 वर्ष के हो गए हैं तो सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। छह मई तक नाम जोड़े जाएंगे।
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-पंजीकरण के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़ा है या नहीं यह कैसे पता चलेगा ?
जवाबः मतदाता के हर सवाल का जवाब के लिए हेल्पलाइन नंबर है। यह चुनाव से जुड़ी सभी जानकारी दी जाती है। मैंने खुद एप डाउनलोड कर रखा है। इसकी मदद से सूची में अपना नाम, मतदान केंद्र, मतदान तिथि, समय की जानकारी, यहां तक की वोटर बनने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है। टोल फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर सकते हैं।
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-पहचान पत्र में कोई गलती है, तो कैसे सुधारा जा सकता है ?
जवाबः इसके लिए मतदाता को फार्म- 8 भरना होगा। हालांकि अब संशोधन नहीं हो सकता। 16 मार्च को अंतिम प्रकाशन तक संशोधन किए गए थे। अब चुनाव के बाद ही संशोधन हो सकेगा।
-मैं रहने वाला किसी और शहर का हूं। मऊ जिले में नौकरी कर रहा हूं। क्या यहां का मतदाता बन सकता हूं ?
जवाबः बिल्कुल बन सकते हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि चाहें आप निजी क्षेत्र में काम कर रहे हैं या फिर सरकारी नौकरी में हैं। यदि तीन महीने से मऊ जिले में हैं और आगे कुछ महीने रुकने वाले है तो यहां के मतदाता बन जाइए।
-मेरी उम्र 85 वर्ष से अधिक है या मैं 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग हूं, क्या मुझे घर से वोट डालने की अनुमति मिलेगी ?
जवाबः हां बिल्कुल। 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता या फिर 40 फीसदी तक दिव्यांग मतदान केंद्र तक जाने में अक्षम हैं, तो वह घर से मतदान कर सकते हैं। अभी बीएलओ के माध्यम से फार्म भरे जाएंगे और फिर मोबाइल पोलिंग टीम बनाई जाएगी। वह इन लोगों का घर से ही मतदान कराएगी। यह काम मतदान की तिथि से पांच दिन पहले तक हो जाएगा। हालांकि अपील है कि यदि आप केंद्र तक आ सकते हैं तो जरुर आइए और अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बनिए।
- मतदाता पहचान पत्र नहीं तो मतदान कैसे करेंगे?
जवाबः मतदाता सूची में नाम होना चाहिए। पहचान पत्र नहीं है तो वोटर हेल्पलाइन एप से मोबाइल नंबर डालकर उसे डाउनलोड कर लें। इसके अलावा निर्वाचन आयोग ने वैकल्पिक पहचान पत्र की मान्यता दी है। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्रीय, राज्य सरकार या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों के कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र शामिल है। बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटो युक्त पासबुक, पैन कार्ड, श्रम मंत्रालय का स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज से भी वोट डाल सकते हैं।
- मेरे परिवार के सदस्यों के अलग-अलग बूथों पर वोट है। सभी एक ही बूथ पर वोट डालने जाएं इसके लिए क्या करना होगा ?
जवाबः हां, मतदाताओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। बीएलओ के माध्यम से भी कर सकते हैं। वोटर हेल्पलाइन एप पर फार्म-8 भरकर परिवार के हर सदस्य का एक ही बूथ पर मतदान कर सकते हैं। 1950 टोल फ्री नंबर भी समस्या का समाधान कर सकते हैं।