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व्हीलचेयर नहीं मिला तो ठेले से आपरेशन कक्ष तक ठेले से पहुंचा मरीज

Wed, 08 Dec 2021 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 10:54 PM IST
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If the wheelchair is not found, the patient reached the handcart from the handcart to the operation room
मऊ। जिला अस्पताल यानी अव्यवस्थाओं भरा परिसर। यहां न तो पर्याप्त चिकित्सक है न ही तैनात चिकित्सक ही समय से अपने चेंबर में बैठते है। इतना ही नहीं गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए स्ट्रेचर की सुविधा तथा दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर भी उपलब्ध तो है लेकिन वह आम मरीजों के लिए नहीं है। बुधवार को इसी लापरवाही से सड़क हादसे में घायल एक अधेड़ ठेले से अस्पताल परिसर के ओपीडी कक्ष में पहुंचा।
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चौंकाने वाली बात है कि अस्पताल के अंदर ठेला आते कई चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मियों ने देखा, लेकिन किसी द्वारा उसे व्हील चेयर की मदद की कवायद नहीं की। वहीं करीब दो घंटे से अधिक समय बाद डॉक्टरों ने उस मरीज का उपचार ने किया। जब इस संबंध में अस्पताल के सीएमएस से पूछा गया तो उन्होंने अपनी लापरवाही को मरीज पर टालते हुए कहा कि व्हीलचेयर की उपलब्धता है, लेकिन यह लोग मांग ही नहीं करते हैं। जिला अस्पताल में दिव्यांगों के लिए स्ट्रेचर, छड़ी, व्हील चेयर आदि की सुविधा तो है, लेकिन इलाज के लिए आ रहे दिव्यांगों को सुविधा नहीं मिलती है।
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बुधवार को भीटी वार्ड नंबर सात निवासी सुशील शर्मा का सड़क हादसे में पैर टूट गया। उन्हें इलाज के लिए ठेले से जिला अस्पताल लाया गया। वह अस्पताल पहुंचकर ट्राईसाइकिल या व्हीलचेयर की मांग की लेकिन किसी जिम्मेदार ने मदद नहीं की। घंटों इंतजार के बाद भी मदद नहीं मिली। दिव्यांग मरीज सुशील का कहना था कि अस्पताल जाकर ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर की मांग किया, लेकिन न तो किसी ने मदद नहीं किया।
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चौंकाने वाली बात है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान घोसी सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ने पांच व्हील चेयर, पांच स्ट्रेचर अस्पताल प्रबंधन को दिया गया था। अस्पताल प्रबंधन को व्हीलचेयर देने के बाद भी इस लापरवाही से दिव्यांग तथा गंभीर मरीज को हो रही परेशानी के संबंध में सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है। इस समस्या के संबंध में उनके द्वारा प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।

वहीं इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृज कुमार का कहना था कि जिला अस्पताल में दिव्यांग मरीजों के लिए ट्राइसाइकिल, स्ट्रेचर सहित सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यदि किसी दिव्यांग मरीज को सुविधा नहीं मिल रही है तो चिकित्सक या कार्यालय में आकर संपर्क करना चाहिए।
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