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कमी मिली तो पूरे कार्य को श्रमदान घोषित करे: नोडल अधिकारी
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मऊ। पशुआश्रय और धानक्रय केंद्रों का निरीक्षण करने के बाद सोमवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में नोडल अधिकारी मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। जिसमें जिले में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्यो की समीक्षा करने के बाद नोडल अधिकारी ने कार्यो की गुणवत्ता के प्रति असंतोष जताया।
नोडल अधिकारी ने जिले में बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता पर असंतोष जताया। बोले जो भी कार्य 50 लाख या उससे अधिक लागत से कराए जा रहें है। यदि निरीक्षण के दौरान उसकी गुणवत्ता में कमी मिलती है तो पूरे कार्य को श्रमदान घोषित कर मूल धनराशि के साथ-साथ मूल धनराशि का 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज लगाकर सरकारी कोष में धनराशि को जमा कराया जाएगा।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को चेताया कि सभी लोग इमानदारी से कार्य कराए, लापरवाही मिलने क्षम्य नहीं होगी। वहीं संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि कार्यो के गुणवत्ता का सत्यापन प्रतिदिन करें। यदि कार्यों में कमी मिले तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए। बोले इसमें कोई अधिकारी लिप्त मिले तो उसके भ्रष्टाचार को उजागर कर उसके विरुद्घ कार्रवाई करते हुए उसका गैगेस्टर में चालान किया जाएगा। नोडल अधिकारी ने जिले के सभी विकास खंडों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अपने अपने क्षेत्र में आने वाले गांवों का दौरा और सर्वे कर पता करें कि ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यो का भुगतान काम पूरा होने पर किया गया है या फिर कागजों में ही कार्य पूरा हो चुकें है।
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यदि गड़बड़ी मिले तो संबंधित को आगाह करें कि वो बिना कार्य कराए किए गए भुगतान की धनराशि को वापस करें। अन्यथा उनके विरुद्घ कार्रवाई कर गैंगेस्टर में चालान किया जाएगा। इस दौरान मूल धनराशि 18 प्रतिशत ब्याज लगाकर रिकवर की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी, के हरि सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी, डॉ. सतीशचंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी विजयशंकर राय, मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज आदि मौजूद रहे।
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नोडल अधिकारी ने जिले में बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता पर असंतोष जताया। बोले जो भी कार्य 50 लाख या उससे अधिक लागत से कराए जा रहें है। यदि निरीक्षण के दौरान उसकी गुणवत्ता में कमी मिलती है तो पूरे कार्य को श्रमदान घोषित कर मूल धनराशि के साथ-साथ मूल धनराशि का 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज लगाकर सरकारी कोष में धनराशि को जमा कराया जाएगा।
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उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को चेताया कि सभी लोग इमानदारी से कार्य कराए, लापरवाही मिलने क्षम्य नहीं होगी। वहीं संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि कार्यो के गुणवत्ता का सत्यापन प्रतिदिन करें। यदि कार्यों में कमी मिले तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए। बोले इसमें कोई अधिकारी लिप्त मिले तो उसके भ्रष्टाचार को उजागर कर उसके विरुद्घ कार्रवाई करते हुए उसका गैगेस्टर में चालान किया जाएगा। नोडल अधिकारी ने जिले के सभी विकास खंडों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अपने अपने क्षेत्र में आने वाले गांवों का दौरा और सर्वे कर पता करें कि ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यो का भुगतान काम पूरा होने पर किया गया है या फिर कागजों में ही कार्य पूरा हो चुकें है।
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यदि गड़बड़ी मिले तो संबंधित को आगाह करें कि वो बिना कार्य कराए किए गए भुगतान की धनराशि को वापस करें। अन्यथा उनके विरुद्घ कार्रवाई कर गैंगेस्टर में चालान किया जाएगा। इस दौरान मूल धनराशि 18 प्रतिशत ब्याज लगाकर रिकवर की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी, के हरि सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी, डॉ. सतीशचंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी विजयशंकर राय, मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज आदि मौजूद रहे।