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Mau News: हत्या के प्रयास के मामले में पति-पत्नी को तीन-तीन वर्ष की सजा
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 बाकर शमीम रिजवी ने हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में नामजद तीन आरोपियों में से सुनवाई के बाद पति-पत्नी को दोषी करार दिया।
दोषी पाए जाने के बाद दोनों को तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
साथ ही अर्थदंड जमा होने पर उसकी 75 प्रतिशत धनराशि वादी मुकदमा योगेश्वर विश्वकर्मा को देने का आदेश दिया गया। एक आरोपी वीरेंद्र विश्वकर्मा की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी।
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मामला मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, बंदीघाट निवासी योगेश्वर विश्वकर्मा पुत्र रामदास विश्वकर्मा की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वादी के अनुसार, 22 नवंबर 2012 को धान की फसल काटने की बात को लेकर उन्होंने आरोपियों से पूछताछ की।
इसी बात से रंज होकर गांव के निवासी बैजनाथ विश्वकर्मा पुत्र गनपत विश्वकर्मा और सावित्री देवी पत्नी बैजनाथ विश्वकर्मा के ललकारने पर वीरेंद्र विश्वकर्मा पुत्र बैजनाथ विश्वकर्मा ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली उनकी दाहिनी आंख के पास लगी, जिससे उनकी आंख की रोशनी चली गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से एडीजीसी (फौजदारी) ने सात गवाहों को प्रस्तुत कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बैजनाथ विश्वकर्मा और सावित्री देवी को हत्या के प्रयास, गंभीर चोट पहुंचाने, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में दोषी करार दिया।
दोषी पाए जाने के बाद दोनों को हत्या के प्रयास के मामले में तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड तथा गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में भी तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
वहीं, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में क्रमशः दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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दोषी पाए जाने के बाद दोनों को तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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साथ ही अर्थदंड जमा होने पर उसकी 75 प्रतिशत धनराशि वादी मुकदमा योगेश्वर विश्वकर्मा को देने का आदेश दिया गया। एक आरोपी वीरेंद्र विश्वकर्मा की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी।
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मामला मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, बंदीघाट निवासी योगेश्वर विश्वकर्मा पुत्र रामदास विश्वकर्मा की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वादी के अनुसार, 22 नवंबर 2012 को धान की फसल काटने की बात को लेकर उन्होंने आरोपियों से पूछताछ की।
इसी बात से रंज होकर गांव के निवासी बैजनाथ विश्वकर्मा पुत्र गनपत विश्वकर्मा और सावित्री देवी पत्नी बैजनाथ विश्वकर्मा के ललकारने पर वीरेंद्र विश्वकर्मा पुत्र बैजनाथ विश्वकर्मा ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली उनकी दाहिनी आंख के पास लगी, जिससे उनकी आंख की रोशनी चली गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से एडीजीसी (फौजदारी) ने सात गवाहों को प्रस्तुत कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बैजनाथ विश्वकर्मा और सावित्री देवी को हत्या के प्रयास, गंभीर चोट पहुंचाने, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में दोषी करार दिया।
दोषी पाए जाने के बाद दोनों को हत्या के प्रयास के मामले में तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड तथा गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में भी तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
वहीं, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में क्रमशः दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।