फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   How will the studies be conducted... 91 out of 160 teachers are missing in 17 government secondary schools

Mau News: कैसे होगी पढ़ाई...17 राजकीय माध्यमिक स्कूलों में 160 में से 91 शिक्षक ही नहीं

Tue, 03 Sep 2024 01:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2024 01:45 AM IST
विज्ञापन
How will the studies be conducted... 91 out of 160 teachers are missing in 17 government secondary schools
शिक्षा सत्र छठा माह चल रहा है, लेकिन जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों मेें मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में वर्षों से शिक्षकों के पद रिक्त होने से शैक्षिक गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। विद्यालयों में 160 के मुकाबले 69 शिक्षक ही तैनात हैं। जबकि आला अधिकारी शिक्षक अभिभावक संघ की तरफ से शिक्षक नियुक्त कर पठन पाठन होना बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। जिले में 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त चलने से छात्र छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन

शिक्षकों के रिक्त चल रहे पदों पर नजर डाली जाए तो प्रवक्ता के लगभग 40 पद के मुकाबले छह प्रवक्ता ही कार्यरत हैं। 120 सहायक अध्यापकों के मुकाबले 63 ही कार्यरत हैं। जबकि 16 प्रधानाचार्य के मुकाबले तीन की ही तैनाती है। शेष प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं। प्रधानाचार्यों की मानें तो विद्यालयों मेें गणित, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, शिक्षा शास्त्र, इतिहास सहित प्रमुख विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। इसके चलते छात्र छात्राओं को कोर्स पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। अभिभावक भी अपने बच्चाें के कोर्स पिछड़ने को लेकर चिंतित हैं।
विज्ञापन




रिक्त चल रहे विषय पद, बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक चिंतित
नगर सहित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में एक से 12वीं तक बालिकाओं को शिक्षा दी जाती है। लेकिन लंबे समय से शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। कई छात्राएं तो विषय अध्यापक न होने के चलते निजी विद्यालयों में नामांकन करा लिया। यहां प्राथमिक वर्ग में सभी शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। जबकि सहायक अध्यापकों में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कला शिक्षक के पद रिक्त चल रहे हैं। जबकि प्रवक्ता के भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गृह विज्ञान, शिक्षाशास्त्र, इतिहास सहित प्रमुख विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। प्रधानाचार्य बीणा यादव का कहना है कि गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास चल रहा है। शिक्षक अभिभावक संघ के सहयोग से शिक्षक की तैनाती कर पठन पाठन कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन




छात्राओं को सता रही कोर्स पिछड़ने की चिंता
बड़रांव ब्लॉक क्षेत्र के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बड़रांव में शिक्षकाें के पद रिक्त चलने से छात्राओं को कोर्स पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। विद्यालय में 10 सहायक अध्यापकों के सापेक्ष तीन शिक्षक ही हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं। अभिभावकों की शिकायत के बाद भी शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। कॉलेज की प्रधानाचार्य रुचि आर्य का कहना है कि सीमित संसाधन में गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास चल रहा है। विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।




राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आयोग की तरफ से सहायक अध्यापकों और प्रवक्ता की नियुक्ति की जाती है। शिक्षक अभिभावक संघ के सहयोग से विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास जारी है।-रमेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed