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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   How to control fire, fire department does not have employees, only 37 deployed instead of 100.

Mau News: आगलगी पर कैसे पाएं काबू, अग्निशमन विभाग के पास कर्मचारी नहीं, 100 की जगह 37 की ही तैनाती

Tue, 18 Feb 2025 12:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:19 AM IST
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How to control fire, fire department does not have employees, only 37 deployed instead of 100.
मऊ। जिला का अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। 100 कर्मचारियों की जगह मात्र 37 कर्मचारियों पर ही जिले की 26 लाख की आबादी को आग से बचाने की जिम्मेदारी है। जिले की चारों तहसीलों पर अग्निशमन अधिकारी, फायरमैन और चालक सहित 100 कर्मचारियों की आवश्यकता है। बीते कई वर्षों से दमकल वाहन भी कम हैं। 42 दिन बाद गर्मी अपने चरम पर होगी, झाड़ियों, गेहूं की फसल, मड़ईं और बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से आगलगी की घटनाएं बढ़ जाएंगी। अग्निशमन विभाग एक दशक पुराने उपकरणों से आग की घटनाओं पर काबू पाने का प्रयास कर रहा है। जिले की चारों तहसीलों पर 16 दमकल वाहन की तुलना में विभाग के पास केवल नौ ही वाहन हैं। इसमें तीन नए हैं जबकि पांच 10 साल तक पुराने हैं। वाहनों के लिए पर्याप्त चालक के साथ आग बुझाने के लिए फायरमैनों की कमी भी बड़ी समस्या है। वहीं बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के लिए हाइड्रोलिक युक्त गाड़ी की सुविधा भी नहीं है। नगर में स्थित 12 हाइड्रेंट भी बेकार हैं। आग लगने पर तत्काल पानी की भी व्यवस्था नहीं होने से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ जाती है। हाइड्रेंट के लिए विभागीय अधिकारी बड़ी इमारतों और निजी अस्पतालों में लगे हाइड्रेंट पर निर्भर हैं। यही हाल घोसी नगर पंचायत का है। वहां नगर में एक भी हाइड्रेंट नहीं है। आग लगने पर दमकल विभाग की टीम को तालाब या नहर की तलाश करनी पड़ती है। तब तक आग विकराल रूप धारण कर लेती है। घोसी तहसील कार्यालय में एक हाइड्रेंट तो है लेकिन वहां भी दिनभर भीड़ रहती है।
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उपकरणों पर एक नजर
वर्तमान में चार बड़ी फायर टेंडर, एक छोटी हाई प्रेशर वाटर मिक्स, एक बड़ी हाईप्रेशर मशीन, तीन बोलेरो कैंपर (पोर्टेबल पंप रखा जाता है, जिससे तालाब या नहर से पानी भरा जाता है।) इनमें से एक बड़ी फायर टेंडर साल 2006 में और एक साल 2010 में मिली थी। इनमें से 4500 लीटर के दो, 5000 लीटर का एक दमकल वाहन, एक 450 लीटर की छोटी वाटर मिक्स और एक एक्सक्यूआरवी जिला मुख्यालय पर रखी गई है। मुहम्मदाबाद गोहना फायर स्टेशन पर और घोसी में 4500 लीटर की एक-एक हाईप्रेशर गाड़ी, मधुबन में 2500 लीटर की एक गाड़ी रखी गई है।
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इनसेट
कितने कर्मचारी और वाहनों की होनी चाहिए तैनाती
जिले में दो तहसीलों घोसी और मधुबन में फायर स्टेशन हैंडओवर नहीं हो पा रहे हैं। 29 फरवरी 2024 को मुहम्मदाबाद गोहना फायर स्टेशन का शुभारंभ हुआ। मानक के अनुसार एक मुख्य फायर स्टेशन के अलावा तीनों फायर स्टेशनों पर एक बड़ा वाटर टेंडर बी (5000 से 5500 लीटर तक), हाई प्रेशर पंप वाटर टेंडर ( 2000 से 2500 लीटर तक), छोटा वाटर टेंडर और एक हाई प्रेशर वाटर मिक्स मशीन होनी चाहिए। एक-एक अग्निशमन अधिकारी, दो लीडिंग फायरमैन, दो चालक, 16 फायरमैन, एक एएसआईएम, एक कुक और एक सफाई कर्मी की तैनाती होनी चाहिए।
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इनसेट -
मुख्य अग्निशमन कार्यालय पर भी कमी
जिला मुख्यालय पर इन दिनों सीएफओ, तीन चालक, दो अग्निशमन अधिकारी, दो लीडिंग फायरमैन और 18 फायरमैन हैं। जबकि सीएफओ, एक अग्निशमन अधिकारी, दो अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, चार लीडिंग फायरमैन, चार चालक और 25 फायरमैनों की तैनाती होनी चाहिए।

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कोट -
अग्निशमन विभाग के पास स्टाफ की कमी है। अमिला और मधुबन में फायर स्टेशन हैंडओवर नहीं हुआ है, जिसके चलते वहां स्टाफ की तैनाती नहीं हो पा रही है। घोसी और मधुबन में वैकल्पिक तैर पर एक-एक दमकल वाहन और फायरमैनों की तैनाती की गई है।
- के वर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मऊ
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