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मानदेय किया जाए 18 हजार
mau
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:26 AM IST
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नगर के हिंदी भवन सभागार में सम्मेलन में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- फोटो : mau
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का मंडलीय सम्मेलन रविवार को नगर स्थित हिंदी भवन के सभागार में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि गिरीश कुमार पांडेय रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं को मानदेय 18 हजार तक बढ़ाने की मांग उठाई गई। तय किया गया कि यदि सरकार इस पर सहमति नहीं जताती है कि तो कार्यकर्ता आंदोलन को बाध्य होंगे।
श्रम संगठन की प्रदेश संयोजक वीना गुप्ता ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए। न्यूनतम मानदेय कम से कम 18 हजार रुपया निर्धारित किया जाए। राजकीय कर्मचारियों की भांति समय-समय पर प्राप्त होने वाले शासन स्तर से सभी सुविधाओं से आच्छादित किया जाए। सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रत्येक आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी तथा सहायिकाओं को न्यूनतम तीन हजार रुपया प्रतिमाह पेंशन के रूप मे निर्धारित किया जाए। समस्याओं का निस्तारण नियत अवधि के अंदर किया जाए। अन्यथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाएं आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगी।
अजय कुुमार यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मेहनत कर सरकार की तरफ से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक करते हैं, लेकिन मानदेय बहुत कम मिलता है। संगठन स्तर की बातचीत में शासन से आश्वासन तो दिया गया लेकिन मांगें लंबित पड़ी हैं। मांगों पर अविलंब विचार नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। संगठन की तरफ से उठाई गई मांगों का विभिन्न राजकीय कर्मचारी संगठनों द्वारा भी पुरजोर समर्थन किया गया। कर्मचारी संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष किताबुनिशा, सूर्यदेव पांडेय, विक्रमादित्य यादव, शिवाकांत मिश्रा, अमरनाथ दूबे, राजेश कुमार, विवेकानंद गुप्त, शैल कुमारी, वीना राय ने संबोधित किया।
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श्रम संगठन की प्रदेश संयोजक वीना गुप्ता ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए। न्यूनतम मानदेय कम से कम 18 हजार रुपया निर्धारित किया जाए। राजकीय कर्मचारियों की भांति समय-समय पर प्राप्त होने वाले शासन स्तर से सभी सुविधाओं से आच्छादित किया जाए। सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रत्येक आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी तथा सहायिकाओं को न्यूनतम तीन हजार रुपया प्रतिमाह पेंशन के रूप मे निर्धारित किया जाए। समस्याओं का निस्तारण नियत अवधि के अंदर किया जाए। अन्यथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाएं आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगी।
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अजय कुुमार यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मेहनत कर सरकार की तरफ से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक करते हैं, लेकिन मानदेय बहुत कम मिलता है। संगठन स्तर की बातचीत में शासन से आश्वासन तो दिया गया लेकिन मांगें लंबित पड़ी हैं। मांगों पर अविलंब विचार नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। संगठन की तरफ से उठाई गई मांगों का विभिन्न राजकीय कर्मचारी संगठनों द्वारा भी पुरजोर समर्थन किया गया। कर्मचारी संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष किताबुनिशा, सूर्यदेव पांडेय, विक्रमादित्य यादव, शिवाकांत मिश्रा, अमरनाथ दूबे, राजेश कुमार, विवेकानंद गुप्त, शैल कुमारी, वीना राय ने संबोधित किया।
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