मऊ। जिले के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अब हेपेटाइटिस बी और सी के जांच की सुविधा मिल रही है। निजी लैब में 1500 से 3000 रुपये में जांच मरीजों को महंगी पड़ती थी। सीएचसी पर जांच कराने से उन्हें सुविधा होगी। यह नई पहल नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत शुरू की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को निजी लैबों के महंगी जांच से मुक्ति मिलेगी।
नोडल और एसीएमओ डॉ बीके यादव ने बताया जनपद में लीवर संबंधी बीमारियों का प्रसार चिंताजनक स्तर पर है। आंकड़ों के अनुसार, हर साल 500 से अधिक हेपेटाइटिस बी और सी के मामले सामने आ रहे हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में अस्वच्छ पानी, संक्रमित सुई के उपयोग और असुरक्षित रक्तदान से हेपटाइटिस बी और सी का प्रसार तेजी से हो रहा है। पहले मरीजों को निजी या वाराणसी जैसे दूरदराज केंद्रों पर 1500 से 3000 रुपये में जांच करानी पड़ती थी। अब सीएचसी स्तर पर ही ब्लड टेस्ट, एंटीबॉडी स्क्रीनिंग और वायरल लोड जांच की शुरू हो चुकी है।इसके तहत हर दिन कोपागंज, फतेहपुर मांडव, दोहरीघाट, घोसी, रतनपुरा, परदहां, मुहम्मदाबाद गोहना सहित सभी 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर यह जांच हो रही है। डॉक्टरों ने बताया कि महिलाओं और बच्चों में हेपेटाइटिस होने का खतरा अधिक है। गर्भवती महिलाओं की जांच अनिवार्य होनी चाहिए ताकि बच्चा सुरक्षित रह सके। समय पर बीमारी का पता चलने पर उसका उपचार हो सके।