{"_id":"96d129d81503c2473de0fc30f04b93a8","slug":"heavy-rains-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसे बादल, खिले चेहरे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसे बादल, खिले चेहरे
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 16 Jul 2015 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम मेहरबान है, चार दिन के बाद एक बार फिर से जमकर बारिश हुई। गुरुवार को तड़के से शुरू हुई झमाझम बारिश दोपहर तक होती रही। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान जनजीवन को राहत मिली। सबसे ज्यादा खुशी किसानों को हुई। रोपाई के लिए पानी के चिंतित बारिश होते ही धान की रोपाई और नर्सरी तैयार करने में लग गए। नगरी इलाकों में लोगों ने बारिश का आनंद उठाया।
शहर के निचले इलाकों के कई मोहल्लों में जल जमाव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से लगातार बारिश होने से लोगों के दिनचर्या पर भी इसका असर पड़ा। कई सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालय परिसर में पानी भर गया। कई सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं पहुंच सके।
सर्वाधिक दुश्वारियां स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ी। बारिश के कारण टूटी सड़कों पर यातायात भी कुछ समय के लिए बाधित हो गया था।
लगभग चार दिनों से धूप निकलने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही थी। सूखा पड़ने की आशंका से लोगों ने भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए मंदिरों में पूजन अर्चन शुरू कर दिया था। बुधवार की रात से ही रिमझिम बारिश शुरू हो गई। गुरुवार को तड़के से शुरू हुई बारिश का क्रम दोपहर तक चला।
विज्ञापन
किसान खेती किसानी में जुटे रहे। अधिकांश सरकारी विद्यालयों में बच्चे नाम मात्र ही आए, जबकि निजी विद्यालयों में प्रतिदिन की तरह बच्चे स्कूल आए।
बारिश के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों को भीगकर स्कूल जाते देखा गया। लगातार बारिश से भीटी, सहादतपुरा, रघुनाथपुरा, निजामुद्दीनपुरा आदि मुहल्लों में बरसात का पानी जमा होने से जल निकासी के व्यवस्था की पोल खुल गई।
नगर क्षेत्र के बाल निकेतन क्रासिंग मार्ग पर पानी भरने से लोगों के आने-जाने में मुश्किलें उठानी पड़ी।
पुराना जिला अस्पताल परिसर में भी पानी जमा होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर सहित कई सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया है।
विज्ञापन
शहर के निचले इलाकों के कई मोहल्लों में जल जमाव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से लगातार बारिश होने से लोगों के दिनचर्या पर भी इसका असर पड़ा। कई सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालय परिसर में पानी भर गया। कई सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
सर्वाधिक दुश्वारियां स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ी। बारिश के कारण टूटी सड़कों पर यातायात भी कुछ समय के लिए बाधित हो गया था।
लगभग चार दिनों से धूप निकलने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही थी। सूखा पड़ने की आशंका से लोगों ने भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए मंदिरों में पूजन अर्चन शुरू कर दिया था। बुधवार की रात से ही रिमझिम बारिश शुरू हो गई। गुरुवार को तड़के से शुरू हुई बारिश का क्रम दोपहर तक चला।
विज्ञापन
किसान खेती किसानी में जुटे रहे। अधिकांश सरकारी विद्यालयों में बच्चे नाम मात्र ही आए, जबकि निजी विद्यालयों में प्रतिदिन की तरह बच्चे स्कूल आए।
बारिश के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों को भीगकर स्कूल जाते देखा गया। लगातार बारिश से भीटी, सहादतपुरा, रघुनाथपुरा, निजामुद्दीनपुरा आदि मुहल्लों में बरसात का पानी जमा होने से जल निकासी के व्यवस्था की पोल खुल गई।
नगर क्षेत्र के बाल निकेतन क्रासिंग मार्ग पर पानी भरने से लोगों के आने-जाने में मुश्किलें उठानी पड़ी।
पुराना जिला अस्पताल परिसर में भी पानी जमा होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर सहित कई सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया है।