मझवारा। ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांवों में लाखों की लागत से पंचायत भवन अपने उद्देश्य पर खरे नहीं उतर रहे हैं। मलेरीकोट बिंद्रावन गांव में स्थापित पंचायत भवन पर ताला लटका रहता है। जबकि सेेक्रेटरी के आवास पर जाकर ग्रामीण अपनी समस्याएं बता रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों की बैठक, प्रशासनिक कार्य, ग्रामीणों को गांव में ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत भवन की स्थापना कराई गई है। पंचायत भवनों में कार्य सुचारू रूप से हों इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारियों का नियमित रूप से उपस्थित रहना अनिवार्य है। क्षेत्र के ग्रामसभा मलेरीकोट बिंद्रावन में लाखों खर्च करके ग्राम सचिवालय की स्थापना की गई तो लोगों में बेहतर सुविधा की आस जगी, लेकिन यहां हमेशा ताला ही लटका रहता है। ग्रामीणों को कागजात के लिए घोसी ब्लाक मुख्यालय जाना पड़ता है। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से लोग आंदोलित हैं। क्षेत्र के श्रीकिशुन प्रसाद, सुमित कुमार, सूर्यनाथ, जर्नादन का कहना था कि पंचायत भवन तो बना दिया, लेकिन यहां ताला बंद होने से किसे समस्या से अवगत कराया जाए। उधर, खंड विकास अधिकारी घोसी कल्पना मिश्रा ने ऐसे किसी मामले के प्रति अनभिज्ञता जताई। कहा यदि ऐसी बात है तो रिपोर्ट मंगाई जाएगी।