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स्वास्थ्य विभाग फोन पर ही कर रहा संक्रमितों की जांच

Sun, 09 May 2021 11:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 11:28 PM IST
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Health department is checking the infected on the phone itself
कोपागंज (मऊ)। जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार लापरवाही बरत रहा है। विभाग दावा कर रहा है कि जिले में संक्रमण की रोकथाम के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। लेकिन हकीकत इससे उलट है। लोगों का आरोप है कि यह टीमें संक्रमित मरीजों के घर पहुंचकर जांच नहीं कर रही है। कई मामलों में किसी संक्रमित मरीज की मौत के बाद ही उसके घर पहुंचकर उसके परिजनों की जांच कर रही है। इस तरह की सबसे ज्यादा लापरवाही कोपागंज ब्लाक में देखने को मिल रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता से संक्रमण का ग्राफ बढ़ने की संभावना है। उधर इसकी जानकारी होने के बाद विभाग के जिम्मेदार मौन साधे है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातर बढ़ रहा है। इससे कोपागंज ब्लाक भी अछूता नहीं है। संक्रमण के ग्राफ के आंकड़े देखे तो बीते शनिवार को जिले में मिले 106 मरीजों में से सात तथा शुक्रवार को मिले 152 मरीजों में 8 मरीज कोपागंज ब्लाक के हैं।
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कोपागंज ब्लाक में मिलने वाले मरीजों की जांच करने के लिए कोपागंज सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार का दावा है कि दो आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम के अलावा अन्य मेडिकल टीमें मरीजों के घर पहुंचकर मरीज के स्वास्थ्य के साथ उसके संपर्क में आए लोगों की जांच कर रही है। लेकिन दावे के विपरित टीम केवल मोबाइल पर फोन पर ही मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ले रही है। लेकिन जब कहीं ऊपर से दबाव पड़ने की दशा में यह टीम किसी मरीज की मौत के बाद ही उसके घर पर पहुंचकर उसके परिजनों का जांच कर रही है।
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लापरवाही के कुछ नायाब उदाहरण
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का उदाहरण कुछ मामलों से समझा जा सकता है। पहला मामला कोपागंज के हकीमपुरा निवासी 40 वर्षीय युवती बीते 23 अप्रैल को संक्रमित मिली थी, जहां 24 अप्रैल को एल-1 अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। विभाग की टीम ने संक्रमण से मौत के बाद भी जांच करने के लिए नहीं पहुंची। दवाब पड़ने पर 26 अप्रैल को पहुंचकर मृत मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच की।
ऐसा ही दूसरा मामला कोपागंज ब्लाक के देवकली विशुनपुर में देखने को मिला। यहां 23 अप्रैल को एक ग्रामीण संक्रमित होने के बाद एल-2 में भर्ती था। जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई। घटना के बाद 48 घंटे बाद जब टीम पहुंची तो नाराज परिजनों ने जांच नहीं कराया। वहीं तीसरा मामला कोपाकोहना निवासी महिला जो 6 मई को जांच में संक्रमित मिलने के बाद एल-2 अस्पताल में भर्ती थी। जहां 8 मई को महिला की मौत हो गई। घटना के बाद 24 घंटा बीतने के बाद भी मेडिकल टीम जांच करने नहीं पहुंची।

इस मामले में सीएमओ डॉ. सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि जिले में मेडिकल टीमें जांच के लिए लगातार काम कर रहीं हैं। जिस भी स्थान पर कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं वहां पर टीम जांच के लिए पहुंचकर उनका और उनके परिजनों के स्वास्थ्य परीक्षण कर रहीं हैं।
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