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हरितालिका तीज पर रखा व्रत
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:12 PM IST
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श्री राम मंदिर पर शिव पार्वती की पूजा अर्चना के लिए कतार में खड़ी व्रती महिलाएं।
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अखंड सौभाग्य के लिए विवाहित महिलाओं ने गुरुवार को हरितालिका तीज का व्रत रखा। हरी चूड़ियां और हरी साड़ी धारण कर पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर महिलाओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
बता दें कि इस पर्व की परंपराएं भी करवाचौथ जैसे व्रत पर्व से काफी हद तक समान है। गुरुवार को पर्व की परंपराओं के मुताबिक सुहागिनों ने बांस या मिट्टी के बर्तन में रखकर फल व वस्त्र दान किया। साथ ही उन्होंने सुहाग के जोड़े में सजकर पूजन अर्चन भी किया। मां पार्वती की प्रतिमा का सुहागिन के रूप में श्रृंगार भी किया गया था। मान्यता है कि श्रद्घा पूर्वक व्रत करने पर मां पार्वती व भगवान शंकर निश्चित रूप से अखंड सौभाग्य की कामना पूरी करते हैं। बताया जाता है कि मां पार्वती जी ने प्रभु शिव के लिए इस व्रत को किया था। पर्व को मनाने को लेकर मान्यता यह भी है कि इस व्रत को करने से भगवान अखंड सौभाग्य होने का वर देते हैं।
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बता दें कि इस पर्व की परंपराएं भी करवाचौथ जैसे व्रत पर्व से काफी हद तक समान है। गुरुवार को पर्व की परंपराओं के मुताबिक सुहागिनों ने बांस या मिट्टी के बर्तन में रखकर फल व वस्त्र दान किया। साथ ही उन्होंने सुहाग के जोड़े में सजकर पूजन अर्चन भी किया। मां पार्वती की प्रतिमा का सुहागिन के रूप में श्रृंगार भी किया गया था। मान्यता है कि श्रद्घा पूर्वक व्रत करने पर मां पार्वती व भगवान शंकर निश्चित रूप से अखंड सौभाग्य की कामना पूरी करते हैं। बताया जाता है कि मां पार्वती जी ने प्रभु शिव के लिए इस व्रत को किया था। पर्व को मनाने को लेकर मान्यता यह भी है कि इस व्रत को करने से भगवान अखंड सौभाग्य होने का वर देते हैं।
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