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आधी बसें गईं चुनाव ड्यूटी में, मुश्किल हुआ लोगों का सफर
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मऊ। शादी विवाह का सीजन होने के कारण यात्रियों की संख्या में इस समय काफी इजाफा हुआ है। वहीं विधानसभा चुनाव को लेकर रोडवेज बसों को चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने से यात्रियों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि मऊ डिपो से संचालित हो रही 48 बसों में से 23 को चुनाव ड्यूटी में भेजा गया है। बसों की कमी का खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। एक साथ आधी बसों को चुनाव ड्यूटी में भेेजे जाने के कारण डिपो में बसों का टोटा हो गया है। ऐसी स्थिति में बस स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को बसों की कमी काफी अखर रही है। चुनाव को लेकर प्रदेश में सुरक्षा कर्मियों को लाने व ले जाने के लिए वाहनों को अधिग्रहित किया गया है। इनमें छोटे बड़े वाहनों के साथ रोडवेज की बसों का भी अधिग्रहण किया जा रहा है।
मऊ डिपो की अब तक 23 बसों का अधिग्रहण किया गया है। आधी बसों का अधिग्रहण होने के कारण कई रूटों पर बसों की कमी हो गई है। लंबी और छोटी रूटों पर जैसे-तैसे बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। ठंड और शादी-विवाह के इस मौसम के कारण बसों कमी का खामियाजा यात्रियों की भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा पाना परिवहन निगम के लिए चुनौती बना हुआ है। स्थिति यह है कि मऊ डिपो के बेड़े में शामिल कई खराब बसों की मरम्मत कर निगम उसका संचालन करा रहा है।
वाराणसी रूट पर यात्रियों की फजीहत
मऊ। चुनाव ड्यूटी में 23 बसों का अधिग्रहण होने के कारण मऊ डिपो में बसों का टोटा हो गया है। जिसका खामियाजा विभिन्न रूटों पर यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या वाराणसी और गाजीपुर के रूट पर हो रहा है। हालांकि गाजीपुर के लिए मऊ डिपो से किसी भी बस का संचालन नहीं किया जाता है। गोरखपुर से वाराणसी जाने वाली बसों से ही गाजीपुर और वाराणसी जाने वाले यात्री यात्रा करते हैं। लेकिन इन दिनों बसों की संख्या कम होने से इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को फजीहत उठानी पड़ रही है।
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मऊ एआरएम रमेश चंद्र ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए मऊ डिपो से 23 बसों को भेजा गया है। बसों की कमी के बीच विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक है उन रूटों पर्याप्त बसों को संचालित किया जा रहा है।
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मऊ डिपो की अब तक 23 बसों का अधिग्रहण किया गया है। आधी बसों का अधिग्रहण होने के कारण कई रूटों पर बसों की कमी हो गई है। लंबी और छोटी रूटों पर जैसे-तैसे बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। ठंड और शादी-विवाह के इस मौसम के कारण बसों कमी का खामियाजा यात्रियों की भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा पाना परिवहन निगम के लिए चुनौती बना हुआ है। स्थिति यह है कि मऊ डिपो के बेड़े में शामिल कई खराब बसों की मरम्मत कर निगम उसका संचालन करा रहा है।
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वाराणसी रूट पर यात्रियों की फजीहत
मऊ। चुनाव ड्यूटी में 23 बसों का अधिग्रहण होने के कारण मऊ डिपो में बसों का टोटा हो गया है। जिसका खामियाजा विभिन्न रूटों पर यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या वाराणसी और गाजीपुर के रूट पर हो रहा है। हालांकि गाजीपुर के लिए मऊ डिपो से किसी भी बस का संचालन नहीं किया जाता है। गोरखपुर से वाराणसी जाने वाली बसों से ही गाजीपुर और वाराणसी जाने वाले यात्री यात्रा करते हैं। लेकिन इन दिनों बसों की संख्या कम होने से इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को फजीहत उठानी पड़ रही है।
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मऊ एआरएम रमेश चंद्र ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए मऊ डिपो से 23 बसों को भेजा गया है। बसों की कमी के बीच विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक है उन रूटों पर्याप्त बसों को संचालित किया जा रहा है।